सीजी भास्कर, 19 जून। मुख्यमंत्री निवास में गुरुवार रात हुई मंत्रियों की लंबी बैठक को लेकर प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने दावा किया है कि बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बीच कामकाज को लेकर तीखी बहस हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और भाजपा संगठन के बीच समन्वय की कमी साफ दिखाई दे रही है और सरकार पूरी तरह से विफल साबित हो रही है। (CM House Marathon Meeting Chhattisgarh)
देर रात तक चली बैठक पर उठाए सवाल : CM House Marathon Meeting Chhattisgarh
दीपक बैज ने कहा कि मंत्रियों को अचानक अपने-अपने क्षेत्रों से मुख्यमंत्री निवास पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। उनके अनुसार रात 8 बजे से शुरू हुई बैठक करीब 2 बजे तक चली। बैज का दावा है कि बैठक में मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के कामकाज पर नाराजगी जताई, जबकि मंत्रियों ने भी मुख्यमंत्री के कार्यों की समीक्षा की मांग रख दी। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी चर्चा हुई।
शराब ओवररेटिंग के पैसे पर मांगा जवाब
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य में शराब की कथित ओवररेटिंग का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि शराब की प्रत्येक बोतल पर अतिरिक्त राशि वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह अतिरिक्त पैसा किसके पास जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या इस मामले की जांच ईडी या सीबीआई जैसी एजेंसियों से कराई जाएगी।
प्रशिक्षण शिविर को लेकर मुख्यमंत्री पर पलटवार
कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर को लेकर मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री को पहले अपने मंत्रिमंडल की स्थिति संभालनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मंत्रिमंडल के भीतर ही मुख्यमंत्री के नेतृत्व को लेकर असंतोष है। बैज ने तंज कसते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री और मंत्री प्रशिक्षण लेना चाहते हैं तो कांग्रेस के अभनपुर में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में आ सकते हैं।
धान खरीदी व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा : CM House Marathon Meeting Chhattisgarh
महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल द्वारा छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था का अध्ययन किए जाने पर भी बैज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल को किसानों से सीधे संवाद करना चाहिए ताकि उन्हें पता चल सके कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की योजनाओं से किसानों को किस प्रकार लाभ मिला था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने टोकन व्यवस्था को जटिल बनाकर किसानों की परेशानी बढ़ाई है। साथ ही कहा कि यदि प्रतिनिधिमंडल कांग्रेस से चर्चा करना चाहता है तो उसका स्वागत किया जाएगा।





