सीजी भास्कर, 20 जून। बलौदाबाजार जिले के कसडोल क्षेत्र में एक किसान से जुड़ा मामला अचानक चर्चा का विषय (Bribery Allegation) बन गया है। गांव में दिनभर इसी घटना की चर्चा होती रही और परिजन से लेकर स्थानीय लोग तक सकते में नजर आए। मामला कथित रिश्वत मांगने के आरोप और उसके बाद किसान द्वारा उठाए गए गंभीर कदम से जुड़ा है। घटना के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है। किसान के अस्पताल पहुंचने की खबर मिलते ही जनप्रतिनिधि और अधिकारी सक्रिय हुए, जबकि पूरे मामले की जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
ट्रैक्टर कार्रवाई के बाद बढ़ा विवाद : Bribery Allegation
जानकारी के अनुसार कसडोल विकासखंड के ग्राम चांटीपाली निवासी किसान कमल ओगरे के परिवार का ट्रैक्टर रेत परिवहन के दौरान कार्रवाई की जद में आ गया। आरोप है कि ट्रैक्टर को छोड़ने के बदले बड़ी रकम की मांग की गई थी। परिवार का कहना है कि रकम नहीं देने पर वाहन को थाने में खड़ा करवा दिया गया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ता चला गया और मामला तनावपूर्ण स्थिति तक पहुंच गया।
बेटे ने लगाए गंभीर आरोप
किसान के बेटे राज ओगरे का आरोप है कि उसके ट्रैक्टर के साथ अन्य वाहन भी पकड़े गए थे। उसका दावा है कि कुछ वाहनों को छोड़ दिया गया, जबकि उनका ट्रैक्टर जब्त (Bribery Allegation) रखा गया। परिवार का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान दबाव और धमकी जैसी स्थिति भी बनी रही, जिससे परिवार मानसिक तनाव में आ गया।
तनाव में किसान ने पिया कीटनाशक
परिजनों के मुताबिक आर्थिक परेशानी से जूझ रहे किसान कमल ओगरे ट्रैक्टर जब्ती और कथित मांग को लेकर बेहद परेशान थे। बताया गया कि इसी तनाव के बीच उन्होंने कीटनाशक का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तत्काल कसडोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज शुरू किया गया।
डॉक्टरों ने बताई हालत स्थिर
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार समय पर उपचार मिलने के कारण किसान की जान बच गई। चिकित्सकों ने बताया कि फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है और स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। घटना के बाद अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ लगी रही। सभी किसान के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित नजर आए।
विधायक ने की निष्पक्ष जांच की मांग
मामले की जानकारी मिलने के बाद कसडोल विधायक संदीप साहू अस्पताल (Bribery Allegation) पहुंचे और किसान से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर अवैध वसूली या गलत कार्रवाई हुई है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही रेत परिवहन और ट्रैक्टर जब्ती से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की मांग भी की गई है।
नायब तहसीलदार ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि रेत परिवहन को लेकर की गई कार्रवाई नियमों के तहत थी और किसी प्रकार की रिश्वत नहीं मांगी गई। उन्होंने कहा कि जांच के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
मामले के सामने आने के बाद बलौदाबाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने जांच के आदेश (Bribery Allegation) जारी किए हैं। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की जांच कर तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।





