सीजी भास्कर, 21 जून : दुर्ग जिले में एक 22 वर्षीय छात्र का शव (Durg Student Suicide) बंद पड़े स्कूल परिसर में फंदे से लटका मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान दीपांशु वर्मा के रूप में हुई है, जो एक स्टील प्लांट कर्मचारी का पुत्र बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसके आधार पर पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
बंद स्कूल परिसर में मिला युवक का शव
जानकारी के अनुसार दीपांशु वर्मा शनिवार को रोज की तरह घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान सूचना मिली कि सेक्टर-4 स्थित लंबे समय से बंद पड़े एक स्कूल परिसर में एक युवक का शव फंदे से लटका हुआ है।
मौके पर पहुंची पुलिस और परिजनों ने शव की पहचान दीपांशु वर्मा के रूप में की। घटनास्थल से उसकी साइकिल, बैग और अन्य निजी सामान भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सुसाइड नोट में लिखी भावुक बातें
घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट में कुछ भावुक पंक्तियां लिखी मिली हैं। नोट में “मुझसे नफरत करने के लिए धन्यवाद” जैसे शब्द लिखे होने की जानकारी सामने आई है। साथ ही अंतिम संस्कार से जुड़ी एक इच्छा का भी उल्लेख किया गया है।
हालांकि नोट में किसी व्यक्ति विशेष का नाम या आत्महत्या के पीछे की स्पष्ट वजह का जिक्र नहीं किया गया है। पुलिस नोट की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक किन परिस्थितियों से गुजर रहा था।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था दीपांशु
परिजनों के अनुसार दीपांशु ने स्नातक की पढ़ाई पूरी कर ली थी और इन दिनों प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटा हुआ था। घर से निकलने से पहले उसने अपनी मां से 100 रुपये भी मांगे थे। परिवार को किसी प्रकार की आशंका नहीं थी कि वह ऐसा कदम उठा सकता है।
प्रारंभिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि युवक स्वयं रस्सी खरीदकर घटनास्थल तक पहुंचा था। पुलिस इस पहलू की भी पुष्टि कर रही है।
हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। सुसाइड नोट, मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, पारिवारिक परिस्थितियों और युवक की मानसिक स्थिति से जुड़े तथ्यों को खंगाला जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।





