सीजी भास्कर, 22 जून : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल जनपद पंचायत (Durgukondal Janpad Panchayat) में सोमवार को उस समय प्रशासनिक और राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया, जब जनपद अध्यक्ष गोपी बधाई के नेतृत्व में क्षेत्र के तमाम जनपद सदस्य और सरपंच मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के खिलाफ खुलकर मोर्चे पर उतर आए। जनपद पंचायत के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के कामकाज और रवैये से नाराज जनप्रतिनिधियों ने न केवल जनपद कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया, बल्कि परिसर के बाहर ही अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आंदोलनकारियों की एकमात्र और स्पष्ट मांग है कि वर्तमान सीईओ को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए।
विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप
धरने पर बैठे जनपद अध्यक्ष, सदस्यों और ग्रामीण सरपंचों का सीधा और गंभीर आरोप है कि वर्तमान सीईओ जनपद क्षेत्र में होने वाले विभिन्न विकास कार्यों में जानबूझकर और अनावश्यक रूप से तकनीकी व प्रशासनिक बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं। इसके कारण गांवों के विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं।
जनप्रतिनिधियों ने खुलकर आरोप लगाया कि पंचायतों में स्वीकृत होने वाले निर्माण और विकास कार्यों के एवज में लगातार भारी कमीशन की मांग की जा रही है। जो सरपंच कमीशन देने में असमर्थता जता रहे हैं, उन्हें नियम-कायदों का डर दिखाकर प्रताड़ित और परेशान किया जा रहा है। इस कमीशनखोरी और तानाशाही रवैये के चलते सीधा असर ग्रामीण जनता को मिलने वाली मूलभूत सरकारी सुविधाओं और विकास पर पड़ रहा है।
प्रशासन ने नहीं सुनी चेतावनी
प्रदर्शन कर रहे पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि यह आक्रोश अचानक नहीं फूटा है। आज से करीब 15 दिन पहले भी उन्होंने जिला प्रशासन के आला अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर दुर्गूकोंदल सीईओ के कामकाज की शिकायत की थी और उन्हें हटाने की मांग उठाई थी।
तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी जब प्रशासन की ओर से कोई ठोस दंडात्मक या सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो जनप्रतिनिधियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इसी अनदेखी के विरोध में सोमवार को सभी प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से आंदोलन का रास्ता चुना और जनपद पंचायत कार्यालय की तालाबंदी कर उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया।
हटाए नहीं जाते सीईओ, तब तक जारी रहेगा धरना
जनपद अध्यक्ष गोपी बधाई ने दोटूक शब्दों में कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्तिगत स्वार्थ की नहीं, बल्कि त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत चुने गए प्रतिनिधियों के सम्मान और ग्रामीण विकास में पारदर्शिता लाने की है। उन्होंने ऐलान किया है कि जब तक दागी सीईओ को उनके पद से हटाया नहीं जाता और उन पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच शुरू नहीं होती, तब तक जनपद कार्यालय का ताला नहीं खुलेगा और यह धरना-प्रदर्शन अनवरत जारी रहेगा। इस उग्र आंदोलन की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच चुकी है और जनप्रतिनिधियों को समझाने तथा गतिरोध खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है।





