सीजी भास्कर, 23 जून। NEET-UG री-एग्जाम से पहले सरकार ने पेपर लीक और संवेदनशील जानकारी के प्रसार को रोकने के लिए Telegram पर कुछ समय के लिए पाबंदियां लगाई थीं। परीक्षा संपन्न होने के बाद भी ये प्रतिबंध पूरी तरह नहीं हटाए गए हैं। हालांकि, भारत ऐसा पहला देश नहीं है जिसने Telegram के इस्तेमाल पर सख्ती दिखाई हो। दुनिया के कई देशों में यह ऐप पहले से ही प्रतिबंधित या सीमित रूप से संचालित है। (Telegram Restrictions Around The World)
ईरान: विरोध प्रदर्शनों के बाद लगा स्थायी बैन : Telegram Restrictions Around The World
एक समय ईरान Telegram का सबसे बड़ा बाजार माना जाता था, जहां करोड़ों लोग इस मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल करते थे। लेकिन 2018 में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद ईरानी प्रशासन ने Telegram को स्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया। अधिकारियों का कहना था कि इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल प्रदर्शनकारियों को संगठित करने और विरोध से जुड़े संदेश फैलाने के लिए किया जा रहा था।
चीन: ‘ग्रेट फ़ायरवॉल’ के तहत वर्षों से बंद
चीन ने 2015 से ही अपने इंटरनेट सेंसरशिप सिस्टम ‘ग्रेट फ़ायरवॉल’ के तहत Telegram पर रोक लगा रखी है। चीनी सरकार का मानना है कि यह ऐप एक्टिविस्ट, वकीलों और राजनीतिक संगठनों के बीच काफी लोकप्रिय है। 2019 के हांगकांग लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों के दौरान Telegram के व्यापक उपयोग के बाद इस पर और अधिक सख्ती बरती गई।
ब्राज़ील: कई बार किया गया सस्पेंड : Telegram Restrictions Around The World
ब्राज़ील में Telegram पर स्थायी प्रतिबंध नहीं है, लेकिन अदालतों के आदेशों का पालन न करने, गलत जानकारी फैलाने और आपराधिक जांच में सहयोग नहीं करने के आरोपों के चलते इस प्लेटफॉर्म को कई बार अस्थायी रूप से सस्पेंड किया जा चुका है।
इन देशों में भी लगी हैं पाबंदियां
- थाईलैंड: 2020 में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों के दौरान Telegram के इस्तेमाल के बाद इसे ब्लॉक किया गया।
- क्यूबा: 2021 में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के समय इस ऐप पर रोक लगा दी गई।
- पाकिस्तान: साइबर सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और फेक न्यूज से जुड़ी चिंताओं के चलते Telegram पर समय-समय पर प्रतिबंध और पाबंदियां लागू की जाती रही हैं।





