सीजी भास्कर, 23 जून : अल्दा-देवरी क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणों और उद्योग प्रभावित परिवारों की विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को तिल्दा थाना का घेराव किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel की अगुवाई में आयोजित इस आंदोलन में आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में किसान, ग्रामीण, कांग्रेस कार्यकर्ता, युवा और महिलाएं शामिल हुईं। क्षेत्र में लंबे समय से लंबित मुद्दों को लेकर लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आया और आंदोलन के दौरान प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया। Tilda Thana Gherao के दौरान किसानों और ग्रामीणों ने प्रशासन पर उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों के दबाव के बीच ग्राम अल्दा से जुड़े मामले में पुलिस को FIR दर्ज करनी पड़ी, जबकि ग्राम देवरी के मामले में दो दिन के भीतर जांच पूरी कर कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया गया।
किसानों और ग्रामीणों की आवाज बुलंद
हजारों लोगों की भागीदारी वाले इस आंदोलन में उद्योग प्रभावित परिवारों, किसानों और ग्रामीणों ने अपने अधिकारों की रक्षा और लंबित मामलों में कार्रवाई की मांग उठाई। महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने आंदोलन को और अधिक प्रभावी बनाया।
लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को लेकर फूटा आक्रोश
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में किसानों के अधिकार, स्थानीय लोगों की समस्याएं और उद्योग प्रभावित परिवारों की मांगें लंबे समय से लंबित हैं। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायतें और ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
इसी नाराजगी के चलते बड़ी संख्या में लोग तिल्दा थाना पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
दबाव के बाद दर्ज हुई FIR
आंदोलन के दौरान स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। इसके बाद ग्राम अल्दा से जुड़े मामले में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
वहीं ग्राम देवरी के मामले में पुलिस अधिकारियों ने दो दिनों के भीतर विवेचना पूरी कर FIR दर्ज करने का लिखित आश्वासन दिया। इस घोषणा के बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन को सफल बताते हुए अपनी अगली रणनीति पर चर्चा की।
भूपेश बघेल ने प्रशासन को दी चेतावनी
सभा को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि किसानों, ग्रामीणों और गरीब परिवारों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अन्याय के खिलाफ संघर्ष करती रही है और आगे भी किसानों एवं ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी।
उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि क्षेत्र की समस्याओं और ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आने वाले समय में और बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
उद्योग प्रभावित परिवारों के अधिकारों का उठाया मुद्दा
भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में उद्योग प्रभावित गांवों के लोगों के अधिकारों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन, सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना आवश्यक है तथा किसी भी परिस्थिति में उनके हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि विकास और उद्योगों के नाम पर स्थानीय लोगों के अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए और प्रभावित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए।
महिलाओं की बड़ी भागीदारी बनी चर्चा का विषय
आंदोलन में महिलाओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। ग्रामीण क्षेत्रों से आई महिलाओं ने भी अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखा और आंदोलन को समर्थन दिया।
आयोजकों ने दावा किया कि आंदोलन में हजारों लोगों की भागीदारी ने यह साबित कर दिया है कि क्षेत्र की जनता अपने अधिकारों और न्याय के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने के लिए तैयार है।
आंदोलन के बाद उत्साह का माहौल
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने आंदोलन को ऐतिहासिक और सफल बताया। लोगों का कहना था कि लंबे समय से लंबित मामलों में कार्रवाई की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।
आयोजकों ने संकेत दिए कि यदि प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासनों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो आगे भी जनआंदोलन जारी रहेगा।





