सीजी भास्कर, 13 अगस्त। कवर्धा, कबीरधाम जिले के बेल्हारी बांध के तटबंध की मरम्मत को लेकर सवाल उठने लगे हैं। करीब 2 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत से मरम्मत का काम पूरा होने के महज तीन महीने बाद पहली बारिश में ही तटबंध की मिट्टी बहने लगी। कई स्थानों पर पानी का रिसाव भी हो रहा है। इससे ग्रामीणों में बांध के कमजोर होने और इसके टूटने की आशंका बनी हुई है। (Belhari Dam Repair)
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि मरम्मत के दौरान तटबंध में मिट्टी डालने के बाद उसका पर्याप्त कंपेक्शन नहीं किया गया। बारिश और पानी के दबाव के कारण मिट्टी बहने लगी, जिससे तटबंध के कमजोर होने का खतरा बढ़ गया है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए बांध से पानी नहर के जरिए बाहर निकाला जा रहा है।
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162 एकड़ खेतों पर बढ़ी चिंता : Belhari Dam Repair
बेल्हारी बांध के तटबंध की स्थिति ने आसपास के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों के अनुसार, यदि तटबंध टूट गया तो करीब 162 एकड़ खेतों में खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
ग्रामीणों को डर है कि बारिश जारी रहने और बांध में पानी का दबाव बढ़ने पर हालात और बिगड़ सकते हैं।
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2.68 करोड़ के निर्माण कार्य पर उठे सवाल
मरम्मत पूरी होने के तीन महीने बाद ही पहली बारिश में तटबंध की मिट्टी बहने से काम की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने ठेकेदार के कामकाज के साथ विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर मरम्मत कार्य तकनीकी मानकों के अनुसार हुआ था, तो पहली बारिश में ही तटबंध की मिट्टी क्यों बहने लगी? क्या मिट्टी के पर्याप्त कंपेक्शन में लापरवाही बरती गई? क्या विभागीय अधिकारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की उचित जांच की?
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तकनीकी जांच की मांग : Belhari Dam Repair
तटबंध पर पानी का दबाव कम करने के लिए फिलहाल बांध का पानी नहर के रास्ते बाहर निकाला जा रहा है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने और मरम्मत कार्य की गुणवत्ता की पड़ताल करने की मांग की है।
2 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत से हुए काम के महज तीन महीने बाद तटबंध की ऐसी स्थिति सामने आने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब ग्रामीणों की नजर विभाग की कार्रवाई और तकनीकी जांच के नतीजों पर है, जिससे तटबंध की खराब स्थिति की वास्तविक वजह सामने आ सके।




