सीजी भास्कर, 28 अप्रैल : छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में वन्यजीवों के अवैध व्यापार के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग की टीम के साथ शर्मनाक व्यवहार का मामला सामने आया है। संजय मार्केट में तोते के बच्चों की तस्करी रोकने पहुंचे रेंजर और उनकी टीम के साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि उन्हें काफी देर तक खंभे से बांधकर बंधक भी बनाया गया। इस (Jagdalpur Forest Department Clash) ने शहर के बीचों-बीच कानून-व्यवस्था और सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया था जाल
घटना सोमवार दोपहर करीब 1 बजे की है। जगदलपुर वन परिक्षेत्र के रेंजर अक्षय कश्यप को सूचना मिली थी कि संजय मार्केट में एक सब्जी विक्रेता अवैध रूप से नवजात तोतों की खरीद-फरोख्त कर रहा है। रेंजर ने एक फ्लाइंग स्क्वॉड तैयार किया और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए खुद खरीदार बनकर मौके पर पहुंचे। कार्रवाई के दौरान एक बक्से से 13 दुर्लभ तोते बरामद किए गए, जिससे (Jagdalpur Forest Department Clash) की स्थिति निर्मित हो गई।
आधे घंटे तक चला खूनी खेल, बनाया बंधक
जैसे ही रेंजर ने अपनी पहचान उजागर की और आरोपी सब्जी विक्रेता को हिरासत में लेने की कोशिश की, वहां मौजूद अन्य सब्जी विक्रेताओं और माफिया के गुर्गों ने टीम को घेर लिया। आक्रोशित भीड़ ने रेंजर अक्षय कश्यप और उनकी टीम के साथ झूमाझटकी शुरू कर दी। हद तो तब हो गई जब रेंजर को एक खंभे से बांध दिया गया और उनके साथ करीब आधे घंटे तक मारपीट की गई। यह (Jagdalpur Forest Department Clash) इतनी उग्र थी कि वन विभाग के अन्य कर्मचारियों के पहुंचने के बाद ही रेंजर को मुक्त कराया जा सका।
पुलिस की गिरफ्त में पिता-पुत्र, अन्य फरार
मारपीट के बाद पीड़ित रेंजर और उनकी टीम सीधे कोतवाली थाने पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज कराई। कोतवाली थाना प्रभारी लीलाधर राठौर ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की गई है। इस (Jagdalpur Forest Department Clash) में शामिल मुख्य आरोपियों में से एक पिता-पुत्र की जोड़ी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि सरकारी काम में बाधा डालने और लोक सेवक के साथ मारपीट करने के मामले में सख्त धाराएं लगाई जा रही हैं।
तोता तस्करी का बढ़ता जाल
जगदलपुर और आसपास के इलाकों में वन्य जीवों, विशेषकर तोते के बच्चों की तस्करी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस (Jagdalpur Forest Department Clash) ने यह स्पष्ट कर दिया है कि तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे वर्दीधारी अधिकारियों पर हमला करने से भी नहीं चूक रहे। बरामद किए गए 13 तोतों को फिलहाल वन विभाग की सुरक्षा में रखा गया है और उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ने की तैयारी की जा रही है।
साक्ष्य जुटाने में जुटी पुलिस
पुलिस अब बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों और मौके पर मौजूद गवाहों के बयान दर्ज कर रही है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि रेंजर को बंधक बनाने के मामले में जांच जारी है और साक्ष्य मिलने पर अपहरण और अवैध कारावास की धाराएं भी (Jagdalpur Forest Department Clash) के प्रकरण में जोड़ी जाएंगी। मारपीट में शामिल अन्य फरार लोगों की तलाश के लिए टीमें रवाना की गई हैं।
वन विभाग में भारी रोष
अपने अधिकारी के साथ हुई इस बदसलूकी के बाद वन विभाग के कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है। कर्मचारी संघ ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो जो नजीर बने, ताकि भविष्य में इस तरह के (Jagdalpur Forest Department Clash) की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने संवेदनशील इलाकों में छापेमारी के दौरान पुलिस सुरक्षा की भी मांग उठाई है।


