सीजी भास्कर, 15 जून। एक प्रचार सामग्री को लेकर देशभर में नई बहस छिड़ (Amazon Ad) गई है। सोशल मीडिया से लेकर विभिन्न संगठनों के बीच इस विषय पर चर्चा तेज हो गई है। मामला देश के प्रसिद्ध गणितज्ञ और खगोलशास्त्री की छवि से जुड़ा होने के कारण लोगों का ध्यान तेजी से अपनी ओर खींच रहा है।
विवाद बढ़ने के साथ कई लोगों ने इसे देश की वैज्ञानिक विरासत से जोड़कर देखा है। वहीं कुछ संगठनों ने इस मामले में कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए संबंधित कंपनी से जवाब और कार्रवाई की मांग की है। अब यह मुद्दा कानूनी मोड़ लेता नजर आ रहा है।
विज्ञापन को लेकर उठे सवाल : Amazon Ad
ई कॉमर्स क्षेत्र की एक बड़ी कंपनी की त्वरित सेवा से जुड़े प्रचार अभियान पर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप लगाया गया है कि विज्ञापन में महान भारतीय गणितज्ञ और खगोलशास्त्री आर्यभट्ट को हास्य और व्यंग्यात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया गया, जिससे उनकी गरिमा प्रभावित हुई है। आपत्ति जताने वाले संगठनों का कहना है कि इस तरह की प्रस्तुति देश की वैज्ञानिक विरासत के प्रति असंवेदनशीलता दर्शाती है।
48 घंटे में कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर कानूनी नोटिस भेजा गया है। नोटिस में कंपनी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और संबंधित प्रचार सामग्री को सभी मंचों से हटाने की मांग की गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर उचित कदम नहीं उठाए गए तो आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
वैज्ञानिक विरासत का बताया प्रतीक
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि आर्यभट्ट केवल एक ऐतिहासिक नाम नहीं बल्कि भारत की ज्ञान परंपरा, वैज्ञानिक सोच और बौद्धिक विरासत के प्रमुख (Amazon Ad) प्रतीक हैं। गणित और खगोल विज्ञान के क्षेत्र में उनके योगदान को विश्व स्तर पर सम्मान प्राप्त है। ऐसे व्यक्तित्व को व्यावसायिक प्रचार के लिए हास्य पात्र के रूप में दिखाना उचित नहीं माना जा सकता, ऐसा आरोप लगाने वालों का कहना है।
प्राथमिकी दर्ज करने की मांग
विवाद अब कानूनी स्तर तक पहुंच गया है। कुछ अधिवक्ताओं ने मुंबई पुलिस को शिकायत सौंपकर मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि विज्ञापन की प्रस्तुति से बड़ी संख्या में लोगों की भावनाएं प्रभावित हुई हैं और यह देश की वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के सम्मान से जुड़ा विषय है।
पहले भी उठ चुके हैं ऐसे मुद्दे
नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि अतीत में विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक प्रतीकों के उपयोग को लेकर भी कंपनी पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का मानना है कि बड़े व्यावसायिक संस्थानों को अपने प्रचार अभियानों में अधिक सावधानी और जिम्मेदारी दिखानी चाहिए।
कंपनी के जवाब का इंतजार
फिलहाल विवाद को लेकर कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने (Amazon Ad) नहीं आई है। अब लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी आगे क्या कदम उठाती है। माफी, विज्ञापन हटाने या कानूनी प्रक्रिया में क्या निर्णय सामने आता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल यह मामला सामाजिक, सांस्कृतिक और कानूनी चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।





