सीजी भास्कर, 24 जून। बिलासपुर में कोयले के कारोबार से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने (Coal Scam) आया है। एक औद्योगिक इकाई में पहुंची कोयले की खेप की गुणवत्ता पर संदेह होने के बाद शुरू हुई जांच ने ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया, जिसमें कथित तौर पर उच्च गुणवत्ता वाले कोयले को रास्ते में बदलकर उसकी जगह निम्न गुणवत्ता का माल भेजा जा रहा था। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में यह भी सामने आया कि यह पूरा खेल एक कोल डिपो की आड़ में संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में कोयला, मशीनरी और परिवहन में इस्तेमाल किए गए वाहनों को भी जब्त किया है।
कोल डिपो से संचालित हो रहा था खेल Coal Scam
मस्तूरी थाना क्षेत्र में दर्ज मामले के अनुसार राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड के लिए एसईसीएल कोरबा से उच्च गुणवत्ता वाला जी 11 ग्रेड कोयला मंगाया गया था। कंपनी की ओर से लगभग 30 हजार टन कोयले का ऑर्डर दिया गया था, जिसका परिवहन एक एजेंसी के माध्यम से किया जा रहा था। इसी दौरान प्लांट पहुंची कुछ खेपों की जांच में कोयले की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई।
तीन ट्रेलरों में मिली गड़बड़ी
जांच में सामने आया कि तीन ट्रेलरों में एसईसीएल खदान से लोड किया गया उच्च गुणवत्ता वाला कोयला प्लांट तक पहुंचते पहुंचते बदल गया था। ट्रेलरों में भेजे गए कोयले में कथित तौर पर मिलावट पाई गई, जिसके बाद पूरे मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंची।
पूछताछ में खुला पूरा नेटवर्क
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान एक ट्रेलर चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में कथित तौर पर खुलासा हुआ कि ट्रेलर मालिकों और कोल डिपो संचालक के साथ मिलकर यह पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। बताया गया कि एसईसीएल से लोड कोयले को बीच रास्ते में स्थित एक डिपो में उतार दिया जाता था और उसकी जगह कम गुणवत्ता वाले कोयले तथा अन्य सामग्री को मिलाकर दोबारा ट्रेलरों में भर दिया जाता था।
रोलर मशीन से की जाती थी मिक्सिंग
पुलिस जांच में सामने आया कि डिपो में निम्न गुणवत्ता वाले कोयले और गिट्टी को रोलर मशीन के जरिए मिलाया जाता था। इसके बाद मिश्रित कोयले को ट्रेलरों में भरकर औद्योगिक इकाइयों तक भेजा जाता था। आरोप है कि इस प्रक्रिया से होने वाले अवैध लाभ का बंटवारा भी शामिल लोगों के बीच किया जाता था।
बड़ी मात्रा में सामान जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन ट्रेलर, एक रोलर मशीन और करीब 30 टन कोयला जब्त (Coal Scam) किया है। जब्त सामग्री को मामले की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है और पुलिस इसके आधार पर आगे की जांच कर रही है।
चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में कोल डिपो संचालक आकाश सिंघल समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में चालक जयकांत यादव, वाहन मालिक सुनीत यादव और सूरज सिंह भी शामिल हैं। सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में कोयला चोरी, अवैध परिवहन और मिक्सिंग के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। मामले की जांच अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
मिलीभगत की भी उठी आशंका
मामले के सामने आने के बाद अवैध कोल डिपो संचालन और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल (Coal Scam) उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर यह आशंका जताई जा रही है कि लंबे समय से चल रहे ऐसे कारोबार की गहन जांच होने पर कई और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। हालांकि इस संबंध में जांच एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।





