सीजी भास्कर, 24 जून। कोलकाता में बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया, जब निर्माणाधीन गोदाम का हिस्सा अचानक भरभराकर (Kolkata Accident) गिर पड़ा। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा तफरी मच गई और बचाव एजेंसियों को तत्काल मौके पर बुलाना पड़ा। मलबे के नीचे कई लोगों के फंसे होने की आशंका के बीच राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। घटना के बाद स्थानीय लोगों, प्रशासन और बचाव दलों ने मिलकर राहत कार्य शुरू किया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए सेना की मदद भी ली गई है।
निर्माणाधीन गोदाम का शेड गिरा Kolkata Accident
दक्षिण कोलकाता के तारातला ट्रांसपोर्ट डिपो के पास बुधवार दोपहर करीब 1.30 बजे निर्माणाधीन गोदाम का शेड अचानक ढह गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे के समय वहां निर्माण कार्य चल रहा था और कई मजदूर मौके पर मौजूद थे।
अब तक 5 लोगों की मौत
हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा कई लोग घायल हुए हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोगों के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
13 लोगों को निकाला गया बाहर
बचाव दल अब तक 13 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल चुका है। घायलों में से 9 लोगों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
सेना समेत कई एजेंसियां जुटीं
राहत और बचाव अभियान में कोलकाता पुलिस, आपदा प्रबंधन दल, सिविल डिफेंस, अग्निशमन विभाग और सेना की टीमें लगी हुई हैं। मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों और क्रेन की सहायता ली जा रही है।
गैस कटर से काटी जा रहीं लोहे की छड़ें
बचाव अभियान को तेज करने के लिए मलबे में फंसी लोहे की सरियों को गैस कटर की मदद से काटा (Kolkata Accident) जा रहा है। बचाव दल लगातार उन स्थानों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है जहां लोगों के फंसे होने की संभावना है।
मलबे में फंसे मजदूर की मार्मिक अपील
राहत कार्य के दौरान एक मजदूर के मलबे में फंसे होने की जानकारी मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह दर्द से कराहते हुए अपनी जान बचाने की गुहार लगा रहा था। बचाव दल ने उसे निकालने के लिए विशेष प्रयास शुरू किए।
सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
हादसे के बाद राज्य सरकार ने सहायता और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। परिजन और स्थानीय लोग इन नंबरों के माध्यम से राहत कार्य और पीड़ितों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
पहले भी हो चुके हैं बड़े निर्माण हादसे
देश के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई निर्माणाधीन इमारतों और ढांचों के गिरने की घटनाएं (Kolkata Accident) सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञ लगातार निर्माण मानकों के पालन और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की जरूरत पर जोर देते रहे हैं।





