सीजी भास्कर, 25 जून। छत्तीसगढ़ में राज्य जीएसटी विभाग ने फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए एक कारोबारी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि एक फर्म ने महज छह महीनों में 76 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कागजों में दर्शाकर करोड़ों रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लिया। विभाग ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। (Fake Billing Scam Chhattisgarh)
फर्जी बिलों के जरिए ली गई करोड़ों की टैक्स छूट : Fake Billing Scam Chhattisgarh
जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि मेसर्स आदेश्वर ट्रेड लिंक नामक फर्म ने आयरन और स्टील की खरीद के नाम पर पश्चिम बंगाल की संदिग्ध कंपनियों से करोड़ों रुपये के बिल प्राप्त किए थे। हालांकि, माल की वास्तविक खरीद और आपूर्ति के कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले।
दस्तावेजों और जीएसटी रिटर्न की जांच में करीब 8.22 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट संदिग्ध पाई गई। विभाग का मानना है कि बिना वास्तविक कारोबार किए टैक्स छूट का लाभ लिया गया, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा है।
फर्जी आईटीसी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका
जांच एजेंसियों के अनुसार, कई कंपनियां केवल फर्जी बिल जारी करने और गलत तरीके से आईटीसी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही थीं। माल के परिवहन, डिलीवरी और खरीद से जुड़े पर्याप्त प्रमाण नहीं मिलने के कारण पूरे मामले को संगठित फर्जी बिलिंग नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा है।
प्रारंभिक जांच के आधार पर फर्म संचालक आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार किया गया है। अदालत ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
जांच का दायरा बढ़ा, अन्य फर्में भी रडार पर : Fake Billing Scam Chhattisgarh
राज्य कर विभाग अब बैंक खातों, ई-वे बिल, परिवहन दस्तावेजों और संबंधित व्यापारिक संस्थानों की विस्तृत जांच कर रहा है। अधिकारियों को आशंका है कि इस नेटवर्क में कई अन्य व्यक्ति और फर्म भी शामिल हो सकते हैं।
विभाग का कहना है कि कर चोरी और फर्जी आईटीसी के मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा के लिए ऐसे मामलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।



