सीजी भास्कर, 28 जून। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। नए वेतन ढांचे में सबसे अहम भूमिका फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) की होगी, जिसके आधार पर कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी तय होगी। बेसिक वेतन बढ़ने के साथ ही मकान किराया भत्ता (HRA), महंगाई भत्ता और अन्य भत्तों में भी स्वतः बढ़ोतरी का लाभ मिल सकता है।
फिटमेंट फैक्टर पर टिकी कर्मचारियों की नजर
कर्मचारी संगठनों ने सरकार से फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को 2 से 5 गुना तक बढ़ाने की मांग की है। वहीं केंद्र सरकार संभावित वित्तीय बोझ का आकलन कर रही है। अंतिम निर्णय आने तक अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के आधार पर संभावित वेतन वृद्धि का अनुमान लगाया जा रहा है।
ऐसे बढ़ सकती है बेसिक सैलरी
यदि किसी कर्मचारी का वर्तमान मूल वेतन 25,500 रुपये है, तो संभावित गणना के अनुसार—
- 2 गुना फिटमेंट फैक्टर : ₹51,000 बेसिक वेतन
- 2.5 गुना फिटमेंट फैक्टर : ₹63,750 बेसिक वेतन
- 3 गुना फिटमेंट फैक्टर : ₹76,500 बेसिक वेतन
हालांकि यह केवल अनुमानित गणना है। वास्तविक वेतन 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही तय होगा।
HRA में भी मिलेगा बड़ा फायदा
बेसिक वेतन बढ़ने का सीधा असर मकान किराया भत्ता (HRA) पर पड़ेगा, क्योंकि इसकी गणना मूल वेतन के प्रतिशत के आधार पर की जाती है। उदाहरण के तौर पर यदि बेसिक वेतन 51 हजार रुपये होता है और वर्तमान HRA स्लैब लागू रहता है, तो—
- X श्रेणी शहर : ₹15,300 प्रति माह
- Y श्रेणी शहर : ₹10,200 प्रति माह
- Z श्रेणी शहर : ₹5,100 प्रति माह
HRA के अलावा अन्य भत्तों में भी बढ़ोतरी की संभावना रहेगी।
सरकार के फैसले का इंतजार
विशेषज्ञों का कहना है कि फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) में मामूली बदलाव भी कर्मचारियों के कुल वेतन पर बड़ा असर डाल सकता है। हालांकि वास्तविक वेतन वृद्धि का पूरा चित्र तभी साफ होगा, जब आयोग अपनी अंतिम सिफारिशें सरकार को सौंपेगा और उन्हें मंजूरी मिलेगी।



