सीजी भास्कर, 16 अगस्त : बस्तर के जगदलपुर स्थित कंगोली की 5वीं वाहिनी सशस्त्र बल की कर्मचारी कल्याण साख समिति में करीब 3 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता (Jagdalpur Kalyan Sakh Samiti Scam) और कथित गबन के मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ी है। परपा पुलिस ने मामले में एक और प्रधान आरक्षक संजय चौहान को गिरफ्तार किया है। वित्तीय मामलों से जुड़े संजय चौहान से पूछताछ के बाद पुलिस को उनकी भूमिका संदिग्ध लगी, जिसके बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस गिरफ्तारी के बाद मामले में अब तक दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
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लोन खातों और जमा रकम में हेराफेरी का आरोप
बस्तर एसपी शलभ कुमार सिन्हा के मुताबिक, 5वीं वाहिनी कर्मचारी कल्याण साख समिति में वर्ष 2012 से 2021 के बीच लोन खातों और जमा राशि में कथित हेराफेरी की शिकायत सामने आई थी। शिकायत में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से करीब 3 करोड़ रुपये की राशि के कथित गबन का आरोप लगाया गया है।
शिकायत पर परपा थाने में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने समिति से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच शुरू की। पुलिस की जांच में कल्याण साख समिति घोटाला (Jagdalpur Kalyan Sakh Samiti Scam) मामले में कई वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
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पहले अध्यक्ष शिवकांत तिवारी हुए थे गिरफ्तार
प्रारंभिक जांच में समिति के अध्यक्ष और प्रधान आरक्षक शिवकांत तिवारी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस ने 29 जुलाई को उन्हें गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और समिति के वित्तीय मामलों से जुड़े अन्य कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की गई।
इसी क्रम में शिवकांत तिवारी के सहायक रहे प्रधान आरक्षक संजय चौहान से भी पूछताछ की गई। पूछताछ और जांच के दौरान भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
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परिजनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उठाए थे सवाल
शिवकांत तिवारी की गिरफ्तारी के बाद उनके परिजनों ने जगदलपुर में प्रेस वार्ता की थी। परिजनों ने शिवकांत को निर्दोष बताते हुए समिति से जुड़े अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच किए जाने की मांग की थी।
परिजनों का कहना था कि मामले में केवल एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराने के बजाय समिति के सभी संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। इसके बाद पुलिस ने जांच को व्यापक करते हुए अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल शुरू की।
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जांच जारी, आगे और गिरफ्तारियां संभव
बस्तर एसपी शलभ कुमार सिन्हा ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस वित्तीय दस्तावेजों, लोन खातों और जमा राशि से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
एसपी के मुताबिक, जांच के दौरान यदि अन्य कर्मचारियों या मामले से जुड़े किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित वित्तीय अनियमितता किस तरह की गई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और करीब 3 करोड़ रुपये की राशि से जुड़े लेन-देन का पूरा नेटवर्क क्या था। मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
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