सीजी भास्कर, 2 जुलाई। रायपुर कलेक्ट्रेट के सामने नकटी गांव विस्थापन (Nakti Village Protest) के विरोध में 11 घंटे तक धरने पर बैठे ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया है। कांग्रेस नेताओं के समर्थन से प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि शुक्रवार सुबह 11 बजे तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो अनिश्चितकालीन धरना और जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
- 80 मकानों पर बुलडोजर के बाद बढ़ा विरोध
- कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान भारी पुलिस बल तैनात
- विधायकों का विरोध, मुख्यमंत्री को लिखे पत्र
- सांसद बृजमोहन अग्रवाल की पुरानी चिट्ठी हुई वायरल
- विधायक कॉलोनी को नया रायपुर शिफ्ट करने की मांग
- पुनर्वास और मुआवजे की उठी मांग
- सांसद के आश्वासन के बाद हुई कार्रवाई
- प्रशासन ने EWS आवास में पुनर्वास का किया दावा
- पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की मुलाकात
80 मकानों पर बुलडोजर के बाद बढ़ा विरोध
नकटी गांव विस्थापन (Nakti Village Protest) का विवाद सोमवार को उस समय शुरू हुआ, जब विधायक कॉलोनी निर्माण के लिए प्रशासन ने गांव के करीब 80 मकानों पर बुलडोजर चला दिया। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि उन्हें जिन मकानों में पुनर्वास दिया जा रहा है, वहां बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। उनका कहना है कि आवंटित मकान इतने छोटे हैं कि बड़े परिवारों का रहना संभव नहीं है।
कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान भारी पुलिस बल तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर ग्रामीणों को रोकने का प्रयास किया और समझाइश भी दी, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर डटे रहे। नकटी गांव विस्थापन (Nakti Village Protest) के समर्थन में रायपुर जिला कांग्रेस के कई नेता भी धरना स्थल पर मौजूद रहे।
विधायकों का विरोध, मुख्यमंत्री को लिखे पत्र
नकटी गांव मामले में कांग्रेस विधायक जनकराम ध्रुव और चातुरीनंद के बाद विधायक कविता लहरे ने भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। विधायक चातुरीनंद ने कहा कि जनता ने जनप्रतिनिधियों को लोगों के सिर से छत छीनने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षा देने के लिए चुना है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गरीबों का घर उजाड़कर बनने वाला विधायक आवास उन्हें स्वीकार नहीं है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल की पुरानी चिट्ठी हुई वायरल
नकटी गांव विस्थापन (Nakti Village Protest) के बीच रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल का मुख्यमंत्री को लिखा एक वर्ष पुराना पत्र भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पत्र में विधायक कॉलोनी के लिए नकटी गांव की जमीन चयन पर आपत्ति जताते हुए गरीब परिवारों को हटाने को मानवीय दृष्टि से उचित नहीं बताया गया था।
विधायक कॉलोनी को नया रायपुर शिफ्ट करने की मांग
सरायपाली विधायक चातुरीनंद ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में विधायक कॉलोनी को नकटी गांव के बजाय नया रायपुर की सरकारी भूमि पर विकसित करने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि यदि विधायकों के लिए आवास बनाना आवश्यक है तो नया रायपुर में पर्याप्त सरकारी जमीन उपलब्ध है, जहां आधुनिक कॉलोनी विकसित की जा सकती है।
पुनर्वास और मुआवजे की उठी मांग
प्रदर्शनकारियों ने प्रभावित परिवारों के सम्मानजनक पुनर्वास और उचित मुआवजे की मांग की है। विधायक चातुरीनंद ने मुख्यमंत्री से बुलडोजर कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने तथा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
सांसद के आश्वासन के बाद हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का कहना है कि बुलडोजर कार्रवाई से दो दिन पहले वे रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मिले थे। सांसद ने उन्हें भरोसा दिया था कि बरसात के दौरान कोई तोड़फोड़ नहीं होगी और प्रशासन समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है। इसके बावजूद 29 जून को 80 मकानों पर बुलडोजर चला दिया गया।
प्रशासन ने EWS आवास में पुनर्वास का किया दावा
प्रशासन का कहना है कि नकटी गांव विस्थापन (Nakti Village Protest) से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्हें नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस (EWS) आवासों में बसाने के लिए आवंटन की कार्रवाई की जा रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की मुलाकात
बुलडोजर कार्रवाई के अगले दिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी न्याय और पुनर्वास की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी।



