सीजी भास्कर, 04 जुलाई। नकटी बुलडोजर कार्रवाई (Nakti Village Bulldozer Action) के विरोध में प्रभावित परिवारों और कांग्रेस का आंदोलन शुक्रवार को और तेज हो गया। सैकड़ों ग्रामीण और कांग्रेस नेता पहले रायपुर कलेक्टोरेट पहुंचे, जहां उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया। वरिष्ठ अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने से नाराज प्रदर्शनकारी बाद में पैदल मार्च करते हुए आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के सरकारी आवास की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।
कलेक्टोरेट से मंत्री आवास तक प्रदर्शन, पुलिस ने लगाया बैरिकेड
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन उनकी मांगों पर बातचीत करने के बजाय भारी पुलिस बल की मौजूदगी में 66 एकड़ भूमि पर फेंसिंग और बाउंड्री निर्माण का कार्य करा रहा है। इसे लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।स्थिति को देखते हुए पुलिस ने शंकर नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया। एहतियातन कई मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई और आवाजाही भी सीमित कर दी गई।
गांव में ही पुनर्वास और मुआवजे की मांग
नकटी बुलडोजर कार्रवाई (Nakti Village Bulldozer Action) का विरोध कर रहे ग्रामीणों और कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि जिन परिवारों के मकान तोड़े गए हैं, उन्हें गांव में ही 2,000 वर्गफीट जमीन उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सभी प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास दिया जाए। प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक और बड़ी संख्या में प्रभावित ग्रामीण शामिल हुए।
CM हाउस की ओर कूच, पुलिस ने रास्ते में रोका
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। देर शाम कुछ प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर भी बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री आवास जाने वाले मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। आंदोलनकारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरना और जेल भरो आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी दी।
मुख्यमंत्री ने दी सरकार का पक्ष
इस बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नकटी गांव में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया गया था। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पहली बार सरकारी भूमि से हटाए गए परिवारों के पुनर्वास के लिए ईडब्ल्यूएस (EWS) श्रेणी के आवास उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, करीब 66 परिवारों को नवा रायपुर में फ्लैट आवंटित किए गए हैं और हटाने की कार्रवाई वाले दिन ही उन्हें आवास का आवंटन भी कर दिया गया।



