सीजी भास्कर, 04 जुलाई : छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से करंट की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत (Kawardha Crime News) की रूह कँपा देने वाली खबरें सामने आई हैं। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए दो बड़े हादसों में बिजली काल बनकर टूटी। पहले दिल दहला देने वाले वाकये में एक खेत में अवैध रूप से प्रवाहित की गई थ्री-फेज बिजली ने पिता और पुत्र दोनों को एक साथ मौत की नींद सुला दिया। वहीं दूसरे हादसे में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते एक 8 साल के मासूम बच्चे की तड़प-तड़प कर जान चली गई। इन घटनाओं के बाद से संबंधित गांवों में कोहराम मचा हुआ है।
पिता को बचाने में बेटा भी हो गया राख
पहली ह्रदयविदारक घटना सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम बीरनपुर कला की है। यहाँ 55 वर्षीय किसान गौकरण पटेल अपने 22 साल के जवान बेटे परमेश पटेल के साथ किराए पर लिए गए एक खेत में धान की नर्सरी (थरहा) तैयार करने और सफाई के काम में जुटे थे। फसल को आवारा मवेशियों से बचाने के लिए खेत के चारों ओर कटीले तारों का घेरा बनाकर उसमें सीधे थ्री-फेज हाई-वोल्टेज बिजली का करंट दौड़ाया गया था।
काम के दौरान गौकरण का हाथ अचानक उस लाइव वायर (करंट वाले तार) से छू गया और वे बुरी तरह तड़पने लगे। पिता को मौत के मुंह में फंसा देख बेटा परमेश बिना सोचे-समझे उन्हें बचाने के लिए दौड़ा और उसने पिता को पकड़ लिया। करंट इतना भयानक था कि परमेश को भी संभलने का मौका नहीं मिला और दोनों की मौके पर ही तड़प-तड़प कर दर्दनाक मौत हो गई। एक ही घर से पिता-पुत्र की अर्थी उठने की खबर से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।
सड़क किनारे खेल रहा था 8 साल का मासूम
दूसरा दर्दनाक हादसा कुकदूर थाना क्षेत्र के नागाटोला (माठपुर) गांव में हुआ। यहाँ रहने वाला 8 वर्षीय मासूम बच्चा श्रवण बैगा अपने घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। खेलते-खेलते वह सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे (पोल) के पास चला गया। पोल के अर्थिंग तार में करंट उतर आया था। जैसे ही मासूम श्रवण उस तार के संपर्क में आया, हाई-वोल्टेज करंट ने उसे जकड़ लिया। चीखने-चिल्लाने का मौका मिले बिना ही मासूम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
बिजली विभाग की सख्त चेतावनी
इन दर्दनाक मौतों के बाद बिजली विभाग के आला अधिकारियों ने सख्त रुख अख्तियार किया है। विभाग के मुताबिक, बीरनपुर कला में खेत मालिक या संबंधित किसान द्वारा मवेशियों को रोकने के लिए किया गया यह कृत्य पूरी तरह से अवैध और गैरकानूनी है। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि फसलों की सुरक्षा के लिए केवल शासन द्वारा मान्य ‘सोलर’ या ‘बैटरी चालित पल्स फेंसिंग’ का ही उपयोग किया जाना चाहिए, जिससे केवल हल्का झटका लगता है और किसी की जान को खतरा नहीं होता। फिलहाल पुलिस ने दोनों ही मामलों में मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अवैध रूप से बिजली का तार फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।



