सीजी भास्कर, 04 जुलाई : इग्नाइट इंग्लिश मीडियम स्कूल (Ignite English Medium School) में अटैच शिक्षकों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर भेजे जाने के आदेश के बाद छात्रों की पढ़ाई पर संकट गहराने लगा है। स्कूल में अध्ययनरत करीब 95 विद्यार्थियों के अभिभावकों ने शिक्षकों की वापसी पर चिंता जताते हुए पूछा है कि पर्याप्त शिक्षकों के बिना बच्चों की पढ़ाई कैसे संचालित होगी।
अटैचमेंट समाप्त करने के आदेश का स्कूल पर असर
राज्य सरकार ने शासकीय कार्यालयों में वर्षों से अटैच शिक्षकों को उनके मूल विद्यालयों में वापस भेजने के निर्देश जारी किए हैं। लेकिन बलौदाबाजार जिले में इस आदेश का असर उन शिक्षकों पर भी पड़ रहा है, जो कार्यालयों में नहीं बल्कि स्कूलों में अध्यापन कार्य कर रहे थे।
इग्नाइट इंग्लिश मीडियम स्कूल (Ignite English Medium School) से तीन शिक्षिकाओं को उनके मूल विद्यालयों में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि वे नियमित रूप से विद्यार्थियों को पढ़ा रही थीं।
स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति अब तक नहीं
जानकारी के अनुसार स्कूल में अब तक नियमित शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई है। यहां दूसरे शासकीय विद्यालयों से व्यवस्था के तहत शिक्षकों की सेवाएं ली जा रही थीं। ऐसे में तीन शिक्षकों की वापसी से शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
95 बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता
स्कूल में पढ़ने वाले अधिकांश विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने बेहतर अंग्रेजी माध्यम शिक्षा की उम्मीद से अपने बच्चों का प्रवेश इस विद्यालय में कराया है। अब शिक्षकों की कमी होने पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी और इसका सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ेगा।
अभिभावकों की मांग—पहले नियुक्ति, फिर वापसी
अभिभावकों ने मांग की है कि जब तक इग्नाइट इंग्लिश मीडियम स्कूल में नियमित शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों को वापस न भेजा जाए। उनका कहना है कि पहले वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो।
DEO ने टिप्पणी से किया इनकार
मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फिलहाल इस विषय पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। अभिभावकों को अब शिक्षा विभाग के निर्णय का इंतजार है।



