सीजी भास्कर, 06 जुलाई। अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले ने देशभर में हलचल मचा दी है। इस प्रकरण में अब तक एक दर्जन से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि कई अन्य संदिग्धों पर भी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। इसी बीच रविवार (6 जुलाई) को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक आयोजित की जा रही है। माना जा रहा है कि इस बैठक में चंदा चोरी की घटना की समीक्षा के साथ-साथ ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में बड़े बदलावों पर भी फैसला लिया जा सकता (Ayodhya donation theft case)
बैठक पर पूरे देश की नजर : Ayodhya donation theft case
दोपहर 3 बजे होने वाली इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह चंदा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट की पहली आधिकारिक बैठक है। ऐसे में श्रद्धालुओं से लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों तक सभी की निगाहें इस बैठक पर टिकी हुई हैं।
अचानक बदला गया बैठक का स्थान
पहले यह बैठक मणिराम दास छावनी में प्रस्तावित थी, लेकिन अंतिम समय में इसका स्थान बदलकर राम मंदिर परिसर कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, यह फैसला सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने और मीडिया की अनावश्यक आवाजाही से बचने के उद्देश्य से लिया गया है।
चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला संभव
बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर भी चर्चा होगी। दोनों ने 26 जून को अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया था। सूत्रों का कहना है कि ट्रस्ट के दो-तिहाई बहुमत से उनके इस्तीफे मंजूर किए जा सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो ट्रस्ट की जिम्मेदारियों और संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही पर होगा मंथन : Ayodhya donation theft case
चंदा चोरी की घटना के बाद ट्रस्ट की पारदर्शिता, सुरक्षा व्यवस्था और वित्तीय निगरानी को लेकर कई सवाल उठे हैं। ऐसे में बैठक में दान प्रबंधन प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नए प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है
ये प्रमुख सदस्य होंगे बैठक में शामिल
बैठक में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी, शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, युगपुरुष परमानंद जी महाराज, मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा, सदस्य कृष्ण मोहन, दिनेंद्र दास, उडुपी पीठाधीश्वर, विश्वतीर्थ प्रपन्नाचार्य जी महाराज सहित ट्रस्ट के कई वरिष्ठ सदस्य शामिल होंगे।



