सीजी भास्कर, 06 जुलाई : छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की रामानुजगंज जलाशय योजना के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्यों के लिए 1 करोड़ 46 लाख 60 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जल संसाधनों के विकास और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। रामानुजगंज जलाशय योजना (Ramanujganj Reservoir Renovation) के तहत कार्य पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा का सीधा लाभ मिलेगा।
जलाशय का होगा जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण
जल संसाधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड रामचंद्रपुर स्थित रामानुजगंज जलाशय का व्यापक जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। परियोजना के तहत जलाशय की संरचनाओं को मजबूत करने के साथ आवश्यक मरम्मत और विकास कार्य कराए जाएंगे, जिससे जल संग्रहण क्षमता और उपयोगिता में सुधार होगा। रामानुजगंज जलाशय योजना (Ramanujganj Reservoir Renovation) से सिंचाई व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
202 हेक्टेयर कृषि भूमि को मिलेगा सिंचाई का लाभ
योजना के सभी प्रस्तावित कार्य पूरे होने के बाद कुल 202 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे क्षेत्रीय किसानों को समय पर पानी मिलने के साथ कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। जलाशय के सुदृढ़ होने से खरीफ और रबी दोनों सीजन की खेती को लाभ मिलने की उम्मीद है। रामानुजगंज जलाशय योजना (Ramanujganj Reservoir Renovation) किसानों के लिए दीर्घकालिक सिंचाई समाधान साबित होगी।
मुख्य अभियंता को मिली प्रशासनिक स्वीकृति
राज्य शासन ने योजना के कार्यों के क्रियान्वयन के लिए मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग, अंबिकापुर को प्रशासनिक स्वीकृति जारी की है। विभागीय अधिकारियों के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निर्माण और विकास कार्य कराए जाएंगे ताकि परियोजना समय पर पूरी हो सके।
सिंचाई और जल संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश में जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन, सिंचाई क्षमता का विस्तार और किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना है। रामानुजगंज जलाशय योजना (Ramanujganj Reservoir Renovation) के माध्यम से जल संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीण कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।



