सीजी भास्कर, 07 जुलाई : कोरबा से पटना जा रही एक यात्री बस में इंसानियत और साहस की मिसाल देखने को मिली। सफर के दौरान एक नवविवाहिता ने चलती बस में ही स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। बस में मौजूद महिला यात्रियों और स्टाफ की सूझबूझ से सुरक्षित प्रसव (Bus Delivery) कराया गया। बाद में मां और नवजात को बलरामपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की हालत पूरी तरह सामान्य बताई गई है।
अचानक शुरू हुई प्रसव पीड़ा
जानकारी के अनुसार कोरबा निवासी सुनती देवी अपने पति के साथ राजहंस बस से पटना जा रही थीं। यह उनका पहला बच्चा है। रात करीब 11 बजे बस अंबिकापुर से आगे बढ़ी ही थी कि उन्हें अचानक प्रसव पीड़ा (Bus Delivery) शुरू हो गई। स्थिति को देखते हुए चालक ने तत्काल बस सड़क किनारे रोक दी।
महिला यात्रियों ने संभाला मोर्चा
तेज बारिश के बीच बस में मौजूद महिला यात्रियों ने हिम्मत दिखाते हुए प्रसव की जिम्मेदारी संभाली। सुनती देवी नाम की एक अन्य महिला यात्री सहित अन्य महिलाओं ने करीब आधे घंटे तक प्रयास कर सुरक्षित प्रसव कराया। इसके बाद महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
यात्रियों ने की आर्थिक मदद
बच्चे के जन्म के बाद बस में मौजूद करीब 30 से 35 यात्रियों ने नवदंपती को बधाई दी। सभी ने स्वेच्छा से सहयोग राशि एकत्र कर परिवार को आर्थिक मदद भी दी। यात्रियों ने कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में सभी ने मिलकर मानवता का परिचय दिया।
बलरामपुर अस्पताल में भर्ती
बस बलरामपुर पहुंचने के बाद प्रसूता और नवजात को तत्काल सरकारी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि समय पर मदद मिलने से किसी प्रकार की जटिलता नहीं हुई। फिलहाल मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं तथा चिकित्सकीय निगरानी में हैं।
कोरबा से ससुराल जा रही थीं महिला
परिजनों के अनुसार सुनती देवी ने प्रेम विवाह किया था और वह कोरबा से अपने ससुराल पटना जा रही थीं। रास्ते में अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद बस में ही सुरक्षित प्रसव (Bus Delivery) कराया गया। इस घटना ने यात्रियों की संवेदनशीलता और सहयोग की भावना की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की।



