सीजी भास्कर, 12 जुलाई : बालोद जिले में चंदन तस्करों (Maharsi Muktanand Ashram) के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आए हैं। बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम हथौद स्थित महर्षि मुक्तानंद आश्रम परिसर से करीब 20 वर्ष पुराने मलयागिरि प्रजाति के पांच चंदन के पेड़ रातों-रात काटकर अज्ञात तस्कर फरार हो गए। चोरी गए पेड़ों की अनुमानित कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, आश्रम की करीब 5 एकड़ 9 डिसमिल कृषि भूमि की मेड़ पर वर्षों पहले आठ चंदन के पौधे लगाए गए थे। बुधवार सुबह आश्रम से जुड़े एक शिक्षक ने पेड़ कटने की सूचना दी। मौके पर पहुंचने पर पाया गया कि खेत की सुरक्षा के लिए लगाई गई लोहे की जाली काटी गई थी और पांच चंदन के पेड़ों के तने गायब थे। घटनास्थल पर केवल शाखाएं और ठूंठ पड़े मिले।
सुनियोजित तरीके से वारदात को दिया अंजाम
प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि तस्करों ने पहले चंदन के परिपक्व पेड़ों की पहचान की और फिर रात के अंधेरे में जाली काटकर परिसर (Maharsi Muktanand Ashram) में प्रवेश किया। इसके बाद पेड़ों के केवल तने काटकर अपने साथ ले गए, जिससे यह वारदात पूरी तरह सुनियोजित प्रतीत होती है।
पुलिस खंगाल रही तस्करी का नेटवर्क
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305 और 331(4) के तहत अपराध दर्ज किया है। जांच टीम आसपास लगे संभावित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, संदिग्ध गतिविधियों और चंदन की अवैध तस्करी से जुड़े नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
Maharsi Muktanand Ashram सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि आश्रम परिसर से इतने कीमती चंदन के पेड़ों की चोरी यह दर्शाती है कि तस्करों के हौसले कितने बुलंद हैं। लोगों ने चंदन जैसे बहुमूल्य वृक्षों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त निगरानी और प्रभावी व्यवस्था की मांग की है। (Maharsi Muktanand Ashram)



