सीजी भास्कर, 12 जुलाई : जांजगीर-चांपा जिले में वन्यजीवों के अवैध शिकार (Monitor Lizard Trafficking ) और तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बम्हनीडीह विकासखंड के ग्राम गोविंदा से पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सभी ने संरक्षित वन्यजीव गोह (मॉनिटर लिजर्ड) का शिकार कर उसके नाखून निकालकर ऊंचे दामों में बेचने की योजना बनाई थी। न्यायालय में पेश करने के बाद सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
- इंस्टाग्राम वीडियो से खुला तस्करी का मामला
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- घर की बाड़ी में गड्ढे से बरामद हुई गोह
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- पांच आरोपित गिरफ्तार, भेजे गए जेल
- गोह का शिकार करना गंभीर अपराध
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इंस्टाग्राम वीडियो से खुला तस्करी का मामला
जानकारी के अनुसार, ग्राम गोविंदा के कुछ युवकों ने गोह का शिकार (Monitor Lizard Trafficking ) करने के बाद उसका वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर साझा कर दिया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद इसकी सूचना वन विभाग को मिली। सूचना मिलते ही विभाग की टीम ने गांव में दबिश देकर जांच शुरू की।
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घर की बाड़ी में गड्ढे से बरामद हुई गोह
जांच के दौरान वन विभाग की टीम ने आरोपी शिवराम गोंड के घर की बाड़ी में गड्ढा खोदकर छिपाकर रखी गई गोह बरामद की। पूछताछ में यह भी सामने आया कि गोह के नाखून निकालकर उन्हें ऊंचे दामों में बेचने की तैयारी की जा रही थी।
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पांच आरोपित गिरफ्तार, भेजे गए जेल
कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने दिनेश पटेल, हरिराम गोंड, शिवा गोंड, चमन गोंड और विनोद केवट को गिरफ्तार किया। सभी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। 10 जुलाई को आरोपितों को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, जांजगीर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
गोह का शिकार करना गंभीर अपराध
वन विभाग के एसडीओ एच.आर. शर्मा ने बताया कि गोह एक संरक्षित वन्यजीव है और इसका शिकार करना गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अंधविश्वास और अधिक मुनाफे के लालच में गोह के नाखूनों की तस्करी करते हैं। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही लोगों से ऐसी गतिविधियों की सूचना तत्काल वन विभाग को देने की अपील की गई है।



