सीजी भास्कर , 17 जुलाई। रायपुर में ई20 ईंधन को लेकर सामने आए चर्चित उपभोक्ता विवाद मामले में मारुति सुजुकी ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के फैसले के खिलाफ उच्च मंच पर जाने का फैसला (E20 Fuel) किया है। कंपनी का कहना है कि आयोग के आदेश में कई महत्वपूर्ण तथ्यों पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया है, इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत चुनौती दी जाएगी।
यह मामला उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें आयोग ने कंपनी को ग्राहक की कार बदलकर ई20 अनुकूल नई कार देने या फिर वाहन की पूरी कीमत लौटाने का निर्देश दिया था।

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कंपनी ने आदेश पर जताई आपत्ति E20 Fuel
मारुति सुजुकी ने अपने बयान में कहा कि संबंधित वाहन पहले से ही ई20 ईंधन के अनुरूप था और उसे उसी मानक के अनुसार तैयार किया गया था। कंपनी का दावा है कि जांच के दौरान वाहन से प्राप्त ईंधन में मिलावट के स्पष्ट संकेत मिले थे। कंपनी का यह भी कहना है कि मामले से जुड़े कुछ अन्य अहम तथ्यों को आयोग के आदेश में पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। इसी वजह से अब फैसले को उच्च स्तर पर चुनौती दी जाएगी।
क्या है पूरा मामला
रायपुर के सड्डू निवासी डॉ. प्रेमराज देवता ने जून 2024 में ग्रैंड विटारा कार खरीदी थी। कुछ महीनों बाद वाहन में तकनीकी खराबियां आने लगीं। अधिकृत सर्विस सेंटर में जांच के दौरान उन्हें बताया गया कि समस्या का कारण कथित रूप से ईंधन की गुणवत्ता है।
बार-बार मरम्मत और फ्यूल टैंक की सफाई के बावजूद जब वाहन की दिक्कत दूर नहीं हुई, तब उन्होंने पेट्रोल का नमूना निजी लैब में जांच के लिए भेजा। रिपोर्ट में ईंधन की गुणवत्ता पर सवाल नहीं उठाए गए, लेकिन यह बताया गया कि वह इंजन के संचालन के अनुकूल नहीं था। इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
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आयोग ने ग्राहक के पक्ष में सुनाया फैसला E20 Fuel
सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने माना कि ग्राहक की ओर से कोई लापरवाही नहीं थी। आयोग ने निर्माता और डीलर को निर्देश दिया कि 45 दिनों के भीतर ग्राहक को उसी मॉडल की ई20 अनुकूल नई कार उपलब्ध कराई जाए या फिर वाहन की खरीद राशि 20,50,494 रुपये वापस की जाए।
इसके अलावा आयोग ने मानसिक प्रताड़ना के लिए एक लाख रुपये और वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये देने का भी आदेश दिया। तय समय में भुगतान नहीं होने पर सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का निर्देश भी जारी किया गया।
ई20 ईंधन पर बढ़ रहा है फोकस
देश में केंद्र सरकार ई20 ईंधन के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। इस ईंधन में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण (E20 Fuel) होता है। इसका उद्देश्य पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करना और प्रदूषण में कमी लाना है। ऐसे में यह मामला ई20 अनुकूल वाहनों और उपभोक्ता अधिकारों को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है।
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