सीजी भास्कर, 01 जुलाई। अक्सर लोग सिरदर्द को थकान, तनाव या मौसम का असर मानकर नजरअंदाज (Women’s Health) कर देते हैं। लेकिन जब यही दर्द बार बार होने लगे और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगे तो चिंता बढ़ जाती है। खासकर महिलाओं में इस परेशानी को लेकर डॉक्टरों के पास पहुंचने वालों की संख्या लगातार अधिक देखी जाती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हर सिरदर्द एक जैसा नहीं होता। कई मामलों में इसके पीछे शरीर के अंदर होने वाले बदलाव जिम्मेदार होते हैं। सही समय पर कारण की पहचान और बचाव के उपाय अपनाकर माइग्रेन के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
महिलाओं में हार्मोनल बदलाव बड़ी वजह Women’s Health
न्यूरोसर्जन प्रोफेसर दलजीत सिंह के अनुसार महिलाओं में माइग्रेन का सबसे बड़ा कारण हार्मोन में होने वाला बदलाव है। जिन महिलाओं के हार्मोन स्तर में बार बार उतार चढ़ाव होता है, उनमें सिरदर्द और माइग्रेन की शिकायत अधिक देखने को मिलती है।
पीरियड और मेनोपॉज के दौरान बढ़ सकता है दर्द
डॉक्टर बताते हैं कि पीरियड शुरू होने से दो से तीन दिन पहले या बाद में शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर कम होने लगता है। इसी दौरान कई महिलाओं को माइग्रेन की समस्या होती है, जिसे मेंस्ट्रुअल माइग्रेन कहा जाता है। इसके अलावा ओव्यूलेशन के समय भी सिरदर्द हो सकता है।
प्रीमेनोपॉज के दौरान, जब पीरियड अनियमित होने लगते हैं और हार्मोन में लगातार बदलाव होता रहता है, तब भी माइग्रेन की समस्या बढ़ सकती है। 40 वर्ष की उम्र के बाद यह परेशानी अधिक देखने को मिलती है। वहीं मेनोपॉज के बाद कई महिलाओं में यह समस्या कम हो सकती है।
माइग्रेन से बचाव कैसे करें
डॉक्टरों के अनुसार माइग्रेन के शुरुआती लक्षण महसूस होते ही इलाज शुरू करना (Women’s Health) बेहतर रहता है। दर्द बढ़ने का इंतजार करने के बजाय डॉक्टर की सलाह से दवा लेना अधिक प्रभावी हो सकता है।
खानपान और जीवनशैली का रखें ध्यान
माइग्रेन की समस्या को कम करने के लिए मैग्नीशियम से भरपूर भोजन को आहार में शामिल करें। तेज धूप, अधिक गर्मी, तेज हवा और तेज शोर जैसे ट्रिगर से बचने की कोशिश करें। यदि एसिडिटी, गैस या कब्ज की समस्या रहती है तो ऐसे खाद्य पदार्थों से परहेज करें जो इन परेशानियों को बढ़ाते हों।
अच्छी नींद और तनाव पर नियंत्रण जरूरी
रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद माइग्रेन के ट्रिगर को कम करने में मदद (Women’s Health) कर सकती है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, नियमित योग और ध्यान करना भी लाभदायक माना जाता है। इससे तनाव कम होता है और बार बार होने वाले सिरदर्द की संभावना घट सकती है।



