सीजी भास्कर, 21 जुलाई : महिला एवं बाल विकास विभाग में अधीक्षक (बाल देखरेख संस्थान) के पद के लिए चयनित 47 अभ्यर्थी (WCD Recruitment 2026) पिछले चार महीने से पदस्थापना का इंतजार कर रहे हैं।
लोक सेवा आयोग की परीक्षा और साक्षात्कार सफलतापूर्वक पूरा करने के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से चयनित अभ्यर्थियों में नाराजगी है। विभाग ने मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की बात कही है।
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चार महीने से नहीं मिली पदस्थापना
चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया के सभी चरण पूरे हो चुके हैं, लेकिन दस्तावेज सत्यापन और पदस्थापना की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी है। उनका आरोप है कि शुरुआत में जल्द नियुक्ति का भरोसा दिया गया था, लेकिन चार महीने बीतने के बाद भी कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।
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2025 में शुरू हुई थी भर्ती प्रक्रिया
छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग ने वर्ष 2025 में इन पदों पर भर्ती के लिए लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजा था। आयोग ने 7 अक्टूबर 2025 को 55 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। बाद में संशोधित आदेश के तहत पदों की संख्या घटाकर 47 कर दी गई।
इसके बाद 18 जनवरी 2026 को लिखित परीक्षा आयोजित हुई और 6 फरवरी को परिणाम घोषित किए गए। साक्षात्कार के लिए 144 अभ्यर्थियों को बुलाया गया, जिनमें 141 उम्मीदवार शामिल हुए। 11 मार्च 2026 को अंतिम चयन सूची और प्रतीक्षा सूची जारी कर दी गई।
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WCD Recruitment 2026 110 पदों पर भर्ती की थी योजना
दस्तावेजों के अनुसार विभाग में कुल 110 अधीक्षकों की नियुक्ति प्रस्तावित थी। इनमें 55 पद पदोन्नति और 55 पद सीधी भर्ती के लिए निर्धारित किए गए थे। इन पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग ने 22 मई 2025 को स्वीकृति भी प्रदान की थी।
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विभाग ने बताया नियुक्ति में देरी का कारण
महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक रेणुका श्रीवास्तव ने बताया कि पीएबी के निर्देशों के तहत एनजीओ द्वारा संचालित बाल संरक्षण गृहों का संचालन सरकार को करना था, जिसके अनुरूप भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई।
उन्होंने बताया कि मामला वर्तमान में हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इस संबंध में विधि विभाग से अभिमत मांगा गया है। अभिमत प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई और पदस्थापना (WCD Recruitment 2026) पर निर्णय लिया जाएगा।
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