सीजी भास्कर, 29 दिसंबर। श्याम नगर रिसाली भिलाई के पंचमुखी हनुमान मंदिर चौक में चल रहे श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के छठवें दिन भगवान श्रीकृष्ण द्वारा तेज महारास की कथा सुनाई गई। साहू परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ के कथा व्यास बेमेतरा अमोरा वाले पंडित शेषनारायण शुक्ला हैं।
कथा व्यास ने भगवान श्री कृष्ण के महारास की कथा का वर्णन करते हुए इसके आध्यात्मिक पक्ष के आलावा श्रीकृष्ण की समस्त लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया। महराज ने कहा कि महारास का मतलब है कि जिसमें सारे रस समाहित हों। भगवान श्री कृष्ण से जो सच्चे मन से प्रेम करते हैं वही महारास का असली अर्थ समझ सकते हैं।
महाराज ने बताया कि जो गोपियां मन ही मन भगवान कृष्ण से प्रेम करतीं थीं उन्हें भगवान ने महारास के माध्यम से अपने प्रेम से संतृप्त किया था। ब्रह्म और जीव का मिलन ही रास है। कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी विवाह का भी सविस्तार वर्णन किया।




