सीजी भास्कर, 08 अगस्त : छत्तीसगढ़ के घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों से घिरे अबूझमाड़ (Abujhmad Development) में अब विकास की नई तस्वीर दिखाई देने लगी है। कभी भौगोलिक दुर्गमता और बुनियादी सुविधाओं की कमी के लिए पहचाने जाने वाले इस क्षेत्र में सड़क निर्माण, सुरक्षा शिविरों के विस्तार और प्रशासनिक पहलों से बदलाव की रफ्तार तेज हुई है। राष्ट्रीय राजमार्ग-130डी (NH-130D) इस बदलाव की सबसे अहम कड़ी बनकर सामने आया है।

यह भी पढ़ें : Tomato Farming : ड्रिप और मल्चिंग का कमाल, महिला किसान ने 1.20 हेक्टेयर से कमाए 10 लाख
दुर्गम रास्तों से विकास की राह तक
वर्षों तक अबूझमाड़ के कई गांव बारिश के मौसम में मुख्यालय और आसपास के इलाकों से कट जाते थे। सघन जंगल और पहाड़ी रास्तों के कारण ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती होती थी, जबकि बच्चों की पढ़ाई और किसानों की उपज को बाजार तक पहुंचाना भी आसान नहीं था।
यह भी पढ़ें : Analog Paneer : एनालॉग पनीर पर शिकंजा तेज, खाद्य विभाग की जांच में कई जगह मिली खामियां
NH-130D ने आसान किया आवागमन
नारायणपुर से कुतुल तक राष्ट्रीय राजमार्ग-130डी (NH-130D) के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन की तस्वीर तेजी से बदली है। सड़क के साथ आधुनिक पुलों और पक्की संरचनाओं का निर्माण होने से दूरस्थ इलाकों तक बारहमासी कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। इससे प्रशासनिक अमले की पहुंच बढ़ी है और सरकारी योजनाओं को गांवों तक पहुंचाने में भी आसानी हुई है।
यह भी पढ़ें : Nandghat-Mungeli Four Lane : 138 करोड़ से बनेगी फोरलेन सड़क, नांदघाट-मुंगेली मार्ग को मिली मंजूरी
स्वास्थ्य और शिक्षा को मिली नई रफ्तार
बेहतर सड़क संपर्क का सीधा असर ग्रामीणों की स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच पर पड़ा है। अब गंभीर मरीजों को समय पर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाने में मदद मिल रही है। वहीं दुर्गम रास्तों की परेशानी कम होने से बच्चों और युवाओं के लिए स्कूल और कॉलेज तक पहुंचना भी आसान हुआ है।
यह भी पढ़ें : Murder Case : सिर पर पत्थर से वार के बाद युवक की मौत, रात के हमले ने लिया खतरनाक मोड़
किसानों और स्थानीय कारोबार को फायदा
सड़क बनने से किसानों और स्थानीय कारीगरों के लिए अपनी उपज और उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने की राह आसान हुई है। पहले परिवहन की मुश्किलों के कारण स्थानीय उत्पादों को बाजार तक ले जाना चुनौतीपूर्ण था। अब बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद बढ़ी है।
यह भी पढ़ें : CG B.Ed Admission 2026 : बीएड-डीएलएड में एडमिशन का बड़ा मौका, आज से काउंसलिंग शुरू, देखें तारीखें
सुरक्षा के साथ विकास का विस्तार
अबूझमाड़ में सड़क निर्माण के साथ सुरक्षा और प्रशासनिक गतिविधियों का विस्तार भी हुआ है। सुरक्षा शिविरों और प्रशासनिक पहुंच बढ़ने से उन क्षेत्रों तक सरकारी तंत्र की मौजूदगी मजबूत हुई है, जो लंबे समय तक दुर्गमता के कारण मुख्यधारा से दूर रहे। विकास कार्यों और बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र में बदलाव की नई जमीन तैयार हो रही है।
यह भी पढ़ें : CG B.Ed Admission 2026 : बीएड-डीएलएड में एडमिशन का बड़ा मौका, आज से काउंसलिंग शुरू, देखें तारीखें
पर्यटन और निवेश की नई संभावनाएं
राष्ट्रीय राजमार्ग-130डी (NH-130D) सिर्फ नारायणपुर और कुतुल को जोड़ने वाला मार्ग नहीं है, बल्कि यह अबूझमाड़ को व्यापक आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने का माध्यम बन रहा है। आने वाले समय में बेहतर सड़क संपर्क से इको-टूरिज्म, स्थानीय व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावना है।
यह भी पढ़ें : Ganja Seizure : मोटरसाइकिल से गांजा ले जा रहे थे दो युवक, पुलिस की घेराबंदी में पकड़े गए
अबूझमाड़ की बदल रही पहचान
अबूझमाड़ लंबे समय तक अपनी दुर्गमता और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता रहा है। लेकिन सड़क, सुरक्षा और प्रशासनिक पहुंच के विस्तार से इसकी पहचान धीरे-धीरे बदल रही है। विकास की यह नई रफ्तार स्थानीय लोगों के लिए बेहतर सुविधाओं और रोजगार के अवसरों का रास्ता खोल सकती है। लाल माटी पर बन रही यह सड़क आने वाले समय में अबूझमाड़ के सामाजिक और आर्थिक बदलाव की मजबूत आधारशिला साबित हो सकती है।
यह भी पढ़ें : Forest Land : लहलहाती मक्के की फसल पर चला ट्रैक्टर, वन विभाग की कार्रवाई के बाद किसानों में बढ़ा आक्रोश



