सीजी भास्कर, 8 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में एनालॉग पनीर के उत्पादन और बिक्री पर प्रतिबंध के बाद खाद्य विभाग ने जिले में निगरानी और सख्त (Analog Paneer) कर दी है। पनीर बनाने और बेचने वाले कारोबारियों के साथ अब डेयरी, होटल और रेस्टोरेंट की भी जांच की जा रही है। कार्रवाई को लेकर खाद्य कारोबारियों के बीच हलचल बढ़ी हुई है।
जांच के दौरान कई खाद्य संस्थानों का निरीक्षण किया गया। कुछ जगहों पर साफ सफाई और रखरखाव से जुड़ी कमियां मिलने के बाद संचालकों को नोटिस देकर सुधार के निर्देश दिए गए। वहीं खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

कई संस्थानों में पहुंची जांच टीम Analog Paneer
अभियान के तहत कृष्णनंदन कोटा और आलाकार्ट रतनपुर हाईवे सहित कई खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। टीम ने यहां खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, साफ सफाई और रखरखाव की व्यवस्था को देखा।
जांच के दौरान कुछ कमियां मिलने पर संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किए गए और आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए। टीम ने दोनों स्थानों से पनीर और दही के नमूने भी लिए हैं।
प्रयोगशाला भेजे गए नमूने
खाद्य विभाग ने लिए गए नमूनों को परीक्षण के लिए रायपुर स्थित प्रयोगशाला भेजा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नमूने खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता के निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
यदि जांच में मिलावट या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डेयरी और रेस्टोरेंट भी जांच के दायरे में Analog Paneer
अभियान के दौरान ओम डेयरी लालखदान, एलिमेंटो कैफे उस्लापुर और साइलेस्टिस रेस्टोरेंट समेत अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया गया। यहां से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर परीक्षण के लिए भेजे गए हैं।
कारोबारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देश
खाद्य विभाग ने कारोबारियों और डेयरी संचालकों को एनालॉग पनीर पर लागू प्रतिबंध की जानकारी पहले ही दे दी है। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि प्रतिबंधित पनीर का निर्माण, भंडारण या बिक्री (Analog Paneer ) नहीं की जाए।
विभाग का कहना है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन कराने के लिए जिले में जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। जांच रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।


