सीजी भास्कर, 22 सितंबर : राजधानी की राशन दुकानों में हितग्राहियों को चावल की जगह पैसे देने की शिकायतों ने सार्वजनिक वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राशन दुकानें (Raipur Ration Shop) में चावल नहीं मिलने और उसके बदले पैसे दिए जाने का आरोप हितग्राहियों ने लगाया है। शिकायतों के बाद खाद्य विभाग ने कुछ दुकानों का निरीक्षण कर स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया, जिसमें कई जगह अंतर सामने आया। हितग्राहियों का आरोप है कि घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद उन्हें चावल खत्म होने की बात कहकर पैसे लेने के लिए मजबूर किया जाता है। वहीं विभागीय रिकॉर्ड में कई दुकानों में चावल का स्टॉक दर्ज होने के बावजूद मौके पर वह उपलब्ध नहीं मिला।
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दुकानदारों और राइस मिलरों की मिलीभगत का आरोप
शिकायतकर्ताओं ने दुकानदारों और राइस मिलरों के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि राशन दुकानों से चावल निकालकर राइस मिलों तक पहुंचाया जा रहा है और वहां उसे दूसरे तरीके से खपाया जा रहा है। शिकायतें खाद्य विभाग तक पहुंचने के बाद एसडीएम स्तर पर भी जांच की गई। विभागीय जांच में कुछ दुकानों में स्टॉक और मौके पर उपलब्ध राशन के बीच अंतर सामने आया है। विभाग अब संबंधित दुकानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
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चावल की जगह पैसे देने का आरोप
हितग्राहियों के मुताबिक राशन वितरण में गड़बड़ी (Raipur Ration Shop) का एक तरीका यह है कि कार्डधारियों को दुकान के बाहर काफी देर तक इंतजार कराया जाता है। इसके बाद उन्हें चावल खत्म होने की बात कहकर पैसे लेने के लिए कहा जाता है। हितग्राहियों का कहना है कि उन्हें निर्धारित खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि कई मामलों में शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ऐसी स्थिति दोबारा सामने आ रही है।
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32.25 क्विंटल चावल, मौके पर शून्य
20 सितंबर को पंडरी स्थित मधु पिल्ले स्कूल के पास गंगा मैया स्व-सहायता समूह की दुकान आईडी 441001058 का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान दुकान बंद मिली। दुकान खुलवाकर विक्रेता अंकित साहू की मौजूदगी में स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच के अनुसार ई-पॉस मशीन में बीपीएल चावल 0.55 क्विंटल और एपीएल चावल 31.70 क्विंटल दर्ज था। यानी कुल 32.25 क्विंटल चावल रिकॉर्ड में उपलब्ध था। हालांकि मौके पर भौतिक सत्यापन के दौरान चावल शून्य मिला। राशन स्टॉक में भारी अंतर (Raipur Ration Shop) पाए जाने को विभाग ने छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली आदेश 2016 की संबंधित धाराओं और आबंटन प्राधिकार पत्र की शर्तों का उल्लंघन बताया है।
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केस-2 : दो दुकानों में भी स्टॉक में अंतर
20 सितंबर को ही खपराभठ्ठी पंडरी क्षेत्र की दो राशन दुकानों का निरीक्षण किया गया। दुकान संचालक किशोर साहू की दुकान आईडी 441001071 तथा दुकान आईडी 441001171 में ऑपरेटर सुनीता निषाद और सचिन देवांगन की मौजूदगी से संबंधित जांच की गई। जांच के दौरान दोनों दुकानें बंद मिलीं। दुकान खुलवाकर भौतिक सत्यापन किया गया। दुकान आईडी 441001071 में एपीएल चावल 0.47 क्विंटल अधिक, शक्कर 1.75 क्विंटल अधिक और नमक 0.90 क्विंटल कम पाया गया। वहीं दुकान आईडी 441001171 में एपीएल चावल 8.90 क्विंटल कम, शक्कर 4.76 क्विंटल अधिक और नमक 4.63 क्विंटल अधिक पाया गया।
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विभागीय कार्रवाई की तैयारी
निरीक्षण में सामने आए स्टॉक अंतर और शिकायतों के आधार पर खाद्य विभाग संबंधित राशन दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। राशन दुकानों की जांच (Raipur Ration Shop) में सामने आए तथ्यों के आधार पर नियमों के तहत निलंबन सहित अन्य कार्रवाई की जा सकती है। विभागीय कार्रवाई का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र हितग्राहियों को निर्धारित खाद्यान्न उपलब्ध कराना और स्टॉक में गड़बड़ी पर जिम्मेदारी तय करना है।
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गरीब हितग्राहियों के राशन पर उठे सवाल
राशन दुकानें गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए खाद्यान्न वितरण का प्रमुख माध्यम हैं। ऐसे में चावल के स्टॉक और वास्तविक उपलब्धता में अंतर सामने आने से वितरण व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। राशन वितरण व्यवस्था (Raipur Ration Shop) में यदि अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता साफ होगा। फिलहाल जांच में सामने आए स्टॉक अंतर के आधार पर विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
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