सीजी भास्कर, 22 अगस्त : रायपुर एम्स के आगामी दीक्षांत समारोह के निमंत्रण पत्र को लेकर विवाद (AIIMS Convocation Controversy) खड़ा हो गया है। आमंत्रण पत्र में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नाम शामिल नहीं होने की बात सामने आई है। इसे लेकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी की चर्चा है। पूरे मामले ने अब एम्स दीक्षांत समारोह विवाद को तूल दे दिया है।

2 सितंबर को होगा एम्स का दीक्षांत समारोह AIIMS Convocation Controversy
रायपुर एम्स का दीक्षांत समारोह 2 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शामिल होंगे। समारोह की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव विकास शील ने हाल ही में उच्च स्तरीय बैठक की थी। इसमें निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। बैठक में एम्स के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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निमंत्रण पत्र में कई प्रमुख नाम शामिल
सामने आए आमंत्रण पत्र में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अनुप्रिया पटेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, एम्स रायपुर के अध्यक्ष प्रो. डॉ. संजीव हांडा और कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) के नाम दर्ज हैं।
हालांकि रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल का नाम आमंत्रण पत्र में नहीं होने की बात सामने आई है। इसके अलावा एम्स सलाहकार समिति के सदस्य सांसद विजय बघेल, विधायक राजेश मूणत और महापौर मीनल चौबे के नाम भी अतिथियों की सूची में शामिल नहीं बताए जा रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों के नाम गायब होने पर नाराजगी
स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नाम नहीं होने को लेकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी की चर्चा है। सोशल मीडिया पर कुछ कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाते हुए कहा कि सांसद और विधायकों की उपेक्षा को लेकर शिकायत किससे की जाए और सुनवाई कौन करेगा।
यह मामला सामने आने के बाद एम्स दीक्षांत समारोह विवाद (AIIMS Convocation Controversy) को लेकर राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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संगठन और सरकार के बीच दूरी की चर्चा
सूत्रों के हवाले से यह दावा भी किया गया है कि पिछले करीब एक साल से भाजपा संगठन के नेताओं और राज्य सरकार तथा केंद्रीय नेतृत्व के बीच छत्तीसगढ़ से जुड़े कुछ मामलों को लेकर दूरी बनी हुई है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आयोजकों की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं
आमंत्रण पत्र में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नाम शामिल नहीं होने के पीछे आयोजकों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि आमंत्रण सूची किस प्रोटोकॉल या प्रक्रिया के आधार पर तैयार की गई है। फिलहाल एम्स दीक्षांत समारोह विवाद (AIIMS Convocation Controversy) को लेकर सभी की नजर आयोजकों के आधिकारिक पक्ष पर है।
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