सीजी भास्कर, 22 अगस्त : शासकीय आवास (Rajnandgaon Government Quarters) खाली नहीं करने पर राजनांदगांव जिला अस्पताल के 13 डॉक्टर और कर्मचारियों पर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। स्थानांतरण के बाद भी आवास पर कब्जा बनाए रखने वाले इन अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार बेदखली की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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जिला अस्पताल परिसर में 134 शासकीय आवास
राजनांदगांव जिला अस्पताल परिसर में अलग-अलग श्रेणी के कुल 134 शासकीय आवास (Rajnandgaon Government Quarters) हैं। इनमें 24 आवास जर्जर हो चुके हैं, जबकि 82 आवासों में वर्तमान में अस्पताल के अधिकारी-कर्मचारी रह रहे हैं। 13 अधिकारी-कर्मचारी ऐसे हैं, जिनका स्थानांतरण हो चुका है, लेकिन उन्होंने अब तक आवास खाली नहीं किया है।
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स्थानांतरण के बाद भी नहीं छोड़ा आवास
इनमें मेडिकल कॉलेज अस्पताल पेंड्री स्थानांतरित किए गए भृत्य और वाहन चालक भी शामिल हैं। वहीं कुछ डॉक्टरों का दूसरे जिलों में तबादला हो चुका है। प्रशासन का कहना है कि स्थानांतरण के बाद शासकीय आवास (Rajnandgaon Government Quarters) खाली करना नियमानुसार जरूरी है, लेकिन संबंधित कर्मचारियों ने अब तक आवास अपने कब्जे में रखा है।
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पहले भी लिया गया था आवास खाली कराने का फैसला
अधिकारियों और कर्मचारियों से आवास खाली कराने का निर्णय 16 जून 2026 को जीवनदीप कार्यकारिणी समिति की बैठक में लिया गया था। इसके बाद भी लगातार नोटिस दिए जाने के बावजूद जवाब नहीं मिलने की बात सामने आई है। अब अनुविभागीय अधिकारी एवं सक्षम प्राधिकारी, लोक परिसर बेदखली की ओर से सभी संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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किराए पर देने की भी सामने आई शिकायत
मामले में कुछ कर्मचारियों पर शासकीय आवास (Rajnandgaon Government Quarters) का स्वयं उपयोग नहीं करने और दूसरे लोगों को किराए पर देने का आरोप भी लगाया गया है। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लोक परिसर बेदखली अधिनियम 1974 और सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
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इन डॉक्टर-कर्मचारियों को मिला नोटिस
नोटिस पाने वालों में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दीपक धृतलहरे, चिकित्सा अधिकारी डॉ. यामिनी भेडिया, चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र नरेटी, अर्थो विशेषज्ञ डॉ. सुभाष रावटे, डॉ. अनिल चंद्रा, स्टाफ नर्स रीना अनिल, लैब टेक्नीशियन नरेंद्र वर्मा, सहायक ग्रेड-3 गायत्री सोनी, स्टाफ नर्स शिप्रा शिवानी, स्टाफ नर्स रिमोना जोसेफ, भृत्य धीरज चमन और वाहन चालक शैलेंद्र यादव शामिल हैं।
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बेदखली की कार्रवाई की तैयारी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय आवास पर अनधिकृत कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस का जवाब देना होगा। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर Government Quarters (Rajnandgaon Government Quarters) खाली कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।




