सीजी भास्कर, 30 अगस्त 2026 : दुर्ग में डिजिटल फसल सर्वे (Digital Crop Survey) को लेकर सर्वेयरों की परेशानी बढ़ गई है। खरीफ फसलों की सटीक गिरदावरी के लिए शुरू किए गए सर्वे में मोबाइल एप के नए ‘जीरो मीटर’ नियम के कारण अब खेत की सही लोकेशन से ही फसल की तस्वीर लेना जरूरी हो गया है। इसके चलते कई जगह सर्वेयरों को खेतों में घुसने के साथ पेड़ पर चढ़कर भी फोटो लेनी पड़ रही है।
1.41 लाख हेक्टेयर में होना है सर्वे
दुर्ग जिले में कुल 1,41,062 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों का सर्वे किया जाना है। इसमें करीब 1.30 लाख हेक्टेयर में धान की फसल है। बाकी क्षेत्र में दलहन, तिलहन और अन्य फसलें शामिल हैं। डिजिटल क्रॉप सर्वे (Digital Crop Survey) का उद्देश्य फसलों की वास्तविक स्थिति और क्षेत्रफल का सटीक रिकॉर्ड तैयार करना है।
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‘जीरो मीटर’ नियम से बढ़ी मुश्किल
डिजिटल क्रॉप सर्वे के मोबाइल एप में लागू किए गए नए ‘जीरो मीटर’ नियम के कारण सर्वेयरों की मुश्किल बढ़ गई है। पहले खेत से 50, 20 या 10 मीटर की दूरी से भी फसल की तस्वीर लेकर उसे एप पर अपलोड किया जा सकता था।
अब एआई आधारित सिस्टम खेत या मेढ़ पर सटीक लोकेशन से ली गई तस्वीर को ही स्वीकार कर रहा है। ऐसे में सर्वेयरों को कई स्थानों पर फसल की तस्वीर लेने के लिए खेत के अंदर जाना पड़ रहा है। कुछ जगह फसल की स्थिति स्पष्ट करने के लिए पेड़ पर चढ़कर फोटो लेने तक की नौबत आ रही है।
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कंटीले और करंट वाले तार से खतरा
कई किसानों ने फसलों और मवेशियों की सुरक्षा के लिए खेतों के आसपास कंटीले तार लगाए हैं। कुछ जगह बिजली के चालू तार भी लगाए गए हैं। ऐसे खेतों में प्रवेश करने के दौरान सर्वेयरों की सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है।
सर्वेयरों का कहना है कि डिजिटल फसल सर्वे (Digital Crop Survey) में सटीक लोकेशन की अनिवार्यता के कारण कई बार ऐसी जगहों तक पहुंचना पड़ रहा है, जहां जाना जोखिम भरा हो सकता है।
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बारिश और जलभराव ने बढ़ाई परेशानी
लगातार बारिश के कारण कई खेतों में पानी भरा हुआ है। कुछ प्लॉट मुख्य रास्तों से काफी अंदर हैं, जहां पहुंचना आसान नहीं है। वहीं किसानों के मौके पर मौजूद नहीं होने की स्थिति में भी सर्वेयरों को फसल की तस्वीर लेने में परेशानी हो रही है। जलभराव, कीचड़ और खेतों तक पहुंचने में दिक्कत के बीच जीरो मीटर नियम के कारण सर्वे का काम और चुनौतीपूर्ण हो गया है।
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10 मीटर दूरी से फोटो की छूट की मांग
सर्वेयरों ने शासन और प्रशासन से मोबाइल एप में बदलाव करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कम से कम 10 मीटर की दूरी से फसल की फोटो लेकर उसे अपलोड करने की अनुमति फिर से दी जाती है, तो जोखिम कम होगा और सर्वे का काम भी तेजी से पूरा किया जा सकेगा।
सर्वेयरों को आशंका है कि ‘जीरो मीटर’ की अनिवार्यता के कारण दुर्गम और जोखिम वाले कई खेतों का सर्वे समय पर पूरा नहीं हो पाएगा। डिजिटल क्रॉप सर्वे (Digital Crop Survey) को सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए नियमों में व्यावहारिक बदलाव की मांग की जा रही है।
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