सीजी भास्कर, 9 सितंबर : शिवसेना के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर जारी विवाद के बीच उद्धव ठाकरे ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर मामले में फैसला आने में अभी और समय लगने वाला है तो धनुष-बाण चुनाव चिन्ह (Uddhav Thackeray Bow Arrow) को तत्काल फ्रीज कर देना चाहिए। ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी को शिवसेना का नाम और चुनाव चिन्ह वापस मिलना चाहिए।
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चार साल से चल रहा विवाद
उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना के नाम और चुनाव चिन्ह का विवाद (Uddhav Thackeray Bow Arrow) करीब चार साल से चल रहा है। इस दौरान लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकायों सहित कई चुनाव हो चुके हैं, लेकिन मामले का अंतिम निपटारा नहीं हुआ है।
शिवसेना भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ठाकरे ने कहा कि मामले में लगातार तारीख पर तारीख चल रही है। उनके मुताबिक, यदि अंतिम फैसले में और समय लगना है तो तब तक धनुष-बाण चुनाव चिन्ह को फ्रीज कर देना चाहिए।
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नाम-चिन्ह वापस लेने की मांग
उद्धव ठाकरे ने पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह (Uddhav Thackeray Bow Arrow) वापस दिए जाने की मांग दोहराई। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी से नाम और चुनाव चिन्ह जिस तरीके से छीना गया, वह उचित नहीं था।
ठाकरे ने आरोप लगाया कि धनुष-बाण चुनाव चिन्ह का कथित तौर पर दुरुपयोग कर सत्ता हासिल की गई। उन्होंने कहा कि यदि फैसले में देरी हो रही है तो पहले इस कथित दुरुपयोग पर रोक लगनी चाहिए।
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सरकार पर भी साधा निशाना
ठाकरे ने मौजूदा राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सत्ताधारियों को सरकार चलाना नहीं आता। उन्होंने कहा कि पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर उन्हें अदालत का रुख करने की स्थिति में ही नहीं आना चाहिए था।
धनुष-बाण विवाद (Uddhav Thackeray Bow Arrow) को लेकर ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी को उसका नाम और चुनाव चिन्ह वापस मिलना चाहिए। उन्होंने मामले में जल्द निर्णय की जरूरत पर भी जोर दिया।
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डीजे की आवाज पर बोले
त्योहारों के दौरान डीजे और तेज आवाज में बजने वाले संगीत को लेकर भी उद्धव ठाकरे ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि लोगों को उत्सव और त्योहार जरूर मनाने चाहिए, लेकिन इससे किसी दूसरे व्यक्ति को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
ठाकरे के इस बयान को त्योहारों के दौरान तेज आवाज और डीजे पर नियंत्रण की मांग के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि परंपराओं के साथ दूसरों की परेशानी का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
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पीएम मोदी की तस्वीर पर बयान
पुणे के एक कॉलेज में छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीरों के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाए जाने के विवाद पर भी उद्धव ठाकरे ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि महापुरुषों और प्रधानमंत्री की तस्वीर (Uddhav Thackeray Bow Arrow) को एक ही स्तर पर नहीं रखा जाना चाहिए। यह विवाद मनसे नेता अमित ठाकरे की पहल के बाद प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर हटाए जाने से जुड़ा था। पेपर लीक के मुद्दे पर भी ठाकरे ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार देश को फोड़ रही है, पेपर लीक तो दूर की बात है।
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