सीजी भास्कर, 10 सितंबर : तीजा-पोला के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण (Vriksharopan Bitkuli) को लेकर ग्रामीणों ने ऐसी पहल की है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बन सकती है। गांव के लोगों ने सामूहिक रूप से पौधरोपण कर हरियाली बचाने और बढ़ाने का संकल्प लिया। खास बात यह रही कि पौधरोपण के लिए गांव की चारा गाह और वृक्षारोपण के लिए सुरक्षित आरक्षित भूमि को चुना गया।

बलौदाबाजार जिले के ग्राम बिटकुली में ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने पहले ही तय किया था कि गांव के हर घर और प्रत्येक व्यक्ति की ओर से कम से कम एक पेड़ लगाया जाएगा। इसी संकल्प को जमीन पर उतारते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीण आरक्षित भूमि पर पहुंचे और उत्साह के साथ पौधे लगाए। इस सामूहिक अभियान (Vriksharopan Bitkuli) में गांव के युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभाई।
ग्रामीणों ने मिलकर लगाए पौधे Vriksharopan Bitkuli
पौधरोपण अभियान (Vriksharopan Bitkuli) में मकसुदन साहू, किशोर साहू, राजू बघेल, परदेशी राम वर्मा, रिक्सुदन साहू, धन्नु वर्मा, अजय वर्मा, राजेंद्र वर्मा, झालेंद्र साहू, कृष्णा वर्मा, प्रीत राम साहू, जागेन्द्र बघेल, मनोहर साहू और रामु पाल सहित अन्य ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। युवाओं की मौजूदगी से अभियान में खास उत्साह नजर आया।
ग्रामीणों ने कहा कि सिर्फ पौधे लगाना ही उनका उद्देश्य नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें बड़ा करना भी सामूहिक जिम्मेदारी होगी। उनका मानना है कि आने वाले वर्षों में यही पौधे गांव की पहचान बनेंगे और लोगों को स्वच्छ वातावरण के साथ पर्याप्त हरियाली भी देंगे।
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हर घर एक पेड़ का संकल्प
बिटकुली में शुरू किया गया यह अभियान (Vriksharopan Bitkuli) केवल एक दिन के पौधरोपण तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों ने हर घर एक पेड़ और हर व्यक्ति पर्यावरण का प्रहरी बनने का संदेश दिया है। पंचायत और ग्रामीणों का प्रयास है कि इस संकल्प को लगातार आगे बढ़ाया जाए और गांव की आरक्षित भूमि को अधिक से अधिक हरा-भरा बनाया जाए।
ग्रामीणों की इस पहल से आसपास के दूसरे गांवों को भी प्रेरणा मिल सकती है। खाली और सुरक्षित जमीन पर सामूहिक पौधरोपण के साथ उसकी देखभाल की जिम्मेदारी उठाकर पर्यावरण संरक्षण को जनअभियान का रूप दिया जा सकता है। तीजा-पोला जैसे पारंपरिक पर्व पर बिटकुली के ग्रामीणों ने प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए सकारात्मक संदेश दिया है।
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पौधों की देखभाल भी होगी
गांव के लोगों ने स्पष्ट किया कि पौधरोपण (Vriksharopan Bitkuli) के बाद पौधों की सुरक्षा और देखभाल पर भी ध्यान दिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ तभी पर्यावरण को लाभ पहुंचा पाएंगे, जब उन्हें सुरक्षित रखकर बड़ा किया जाए। इसी सोच के साथ बिटकुली में शुरू हुई यह पहल गांव की सामूहिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण शुरुआत मानी जा रही है।
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रिपोर्टर : ऐश कुमार साहू



