सीजी भास्कर, 10 सितंबर : बहुजन समाज पार्टी में बड़ा सियासी उलटफेर हुआ है। बसपा प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। आकाश आनंद को बसपा से बाहर करने का फैसला (Mayawati Akash Anand) ऐसे समय हुआ है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज होने लगी हैं और पार्टी के भीतर संगठनात्मक बदलावों का दौर जारी है।
इससे पहले 3 सितंबर को मायावती ने आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी से हटा दिया था। अब उनकी पार्टी सदस्यता भी खत्म कर दी गई है। बसपा में आकाश आनंद पर कार्रवाई (Mayawati Akash Anand) के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पहले पद गया, अब सदस्यता
मायावती के इस फैसले से साफ है कि आकाश आनंद के खिलाफ पार्टी स्तर पर कार्रवाई को और आगे बढ़ाया गया है। पहले उन्हें राष्ट्रीय संयोजक के पद से हटाया गया और अब पार्टी से ही बाहर कर दिया गया। इससे बसपा की आगे की संगठनात्मक रणनीति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम में आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ से जुड़ा मामला भी अहम माना जा रहा है। अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति छोड़ने की बात कही है। आकाश आनंद की सदस्यता खत्म (Mayawati Akash Anand) किए जाने के पीछे पार्टी के भीतर चल रहे इन घटनाक्रमों को भी एक कारण के तौर पर देखा जा रहा है।
मायावती ने जताई नाराजगी
मायावती ने आकाश आनंद के रुख और कुछ फैसलों को लेकर अपनी नाराजगी भी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि कुछ फैसले अगर पहले लिए गए होते तो परिस्थितियां अलग हो सकती थीं। मायावती के इस बयान को आकाश आनंद से जुड़े घटनाक्रम पर पार्टी प्रमुख की स्पष्ट असहमति के तौर पर देखा जा रहा है। मायावती और आकाश आनंद विवाद (Mayawati Akash Anand) अब बसपा की आंतरिक राजनीति से निकलकर उत्तर प्रदेश की सियासत में बड़ा मुद्दा बन गया है। आकाश आनंद को पिछले कुछ समय में पार्टी के युवा चेहरे के तौर पर आगे बढ़ाया गया था, लेकिन अब उनके खिलाफ लगातार लिए गए फैसलों ने बसपा की भविष्य की रणनीति पर चर्चा बढ़ा दी है।
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2027 से पहले बड़ा झटका
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बसपा के भीतर हुआ यह बदलाव राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। पार्टी को अब संगठन में नई जिम्मेदारियों और नेतृत्व के समीकरणों को लेकर आगे की रणनीति तय करनी होगी। वहीं, आकाश आनंद के बाहर होने से उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। बसपा से आकाश आनंद की विदाई (Mayawati Akash Anand) के बाद अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि मायावती संगठन में आगे किस तरह के बदलाव करती हैं। 2027 के चुनाव में बसपा की रणनीति क्या होगी और पार्टी में युवा नेतृत्व की भूमिका किस तरह तय की जाएगी, यह आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेगा।
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UP की सियासत में हलचल
आकाश आनंद को पार्टी से बाहर किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में बसपा की स्थिति और उसकी चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मायावती के इस फैसले का असर पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और आगामी चुनावी तैयारियों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल मायावती का बड़ा फैसला (Mayawati Akash Anand) बसपा की राजनीति में सबसे चर्चित घटनाक्रमों में शामिल हो गया है। अब पार्टी के अगले कदम और आकाश आनंद की राजनीतिक प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।
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