सीजी भास्कर, 10 सितंबर : रिसाली नगर निगम में महापौर पद और 40 वार्डों का आरक्षण तय होने के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल तेज होने वाली है। महापौर पद का आरक्षण (Risali Mayor Reservation) अनुसूचित जाति महिला के लिए किया गया है। आरक्षण की घोषणा के साथ ही अब राजनीतिक दलों में संभावित महिला दावेदारों के नाम और टिकट को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू होने की संभावना है।
रिसाली नगर निगम के 40 वार्डों में भी OBC, SC और ST आरक्षण का खाका तय किया गया है। कुल 10 वार्ड अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हैं, जिनमें 3 वार्ड OBC महिलाओं और 7 वार्ड OBC वर्ग के लिए हैं। अनुसूचित जनजाति के लिए 3 वार्ड आरक्षित किए गए हैं, जिनमें एक वार्ड ST महिला के लिए है। वहीं अनुसूचित जाति के लिए 7 वार्ड आरक्षित हुए हैं, जिनमें 2 वार्ड SC महिलाओं के लिए रखे गए हैं।
40 वार्डों का आरक्षण तय
रिसाली में सामान्य वर्ग के लिए 20 वार्ड रखे गए हैं। इनमें 7 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इस तरह आरक्षण की पूरी तस्वीर सामने आने के बाद अब कई मौजूदा पार्षदों की राजनीतिक स्थिति भी बदल सकती है। जिन वार्डों की आरक्षण श्रेणी बदली है, वहां पुराने दावेदारों के सामने दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ने या संगठन में नई भूमिका तलाशने की चुनौती होगी।
वार्ड आरक्षण (Risali Mayor Reservation) के बाद लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे नए दावेदारों के लिए भी रास्ता खुल गया है। खासतौर पर SC महिला आरक्षित वार्डों के साथ-साथ OBC और सामान्य महिला वार्डों में स्थानीय स्तर पर सक्रिय महिला नेताओं की दावेदारी बढ़ सकती है। राजनीतिक दलों के लिए अब सामाजिक समीकरण, स्थानीय पकड़ और संगठन में सक्रियता के आधार पर उम्मीदवार चुनना अहम होगा।
यह भी पढ़ें…Bilaspur Snake Bite Death : बिस्तर में छिपे करैत ने 10 साल के बच्चे को डसा, इलाज के दौरान मौत
SC महिला दावेदारों पर नजर
महापौर पद SC महिला के लिए आरक्षित होने के बाद राजनीतिक दलों का सबसे बड़ा फोकस अब संभावित महिला प्रत्याशियों पर रहेगा। SC महिला महापौर आरक्षण (Risali Mayor Reservation) ने उन महिला नेताओं के लिए बड़ा अवसर पैदा किया है, जो लंबे समय से स्थानीय राजनीति में सक्रिय हैं। टिकट की दौड़ में संगठन से जुड़े पुराने चेहरों के साथ नए नाम भी सामने आ सकते हैं।
आरक्षण के कारण नगर निगम की राजनीति में कई पुराने समीकरण बदलने की संभावना है। मौजूदा पार्षदों और चुनाव की तैयारी कर रहे दावेदारों को अब अपनी रणनीति नए सिरे से बनानी होगी। आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों की बैठकों और स्थानीय स्तर पर होने वाली चर्चाओं से संभावित उम्मीदवारों की तस्वीर और साफ हो सकती है।
यह भी पढ़ें…Hanuman Ansh Box Office : 34वें दिन भी नहीं थमा ‘हनुमान अंश’ का तूफान, 200 करोड़ के करीब पहुंची कमाई
अब टिकट पर सबकी नजर
आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजनीतिक दलों के सामने अगली बड़ी चुनौती टिकट वितरण की होगी। OBC, SC, ST और महिला आरक्षित वार्डों में संभावित प्रत्याशियों को लेकर टिकट की दावेदारी तेज होगी। वहीं सामान्य वार्डों में भी पुराने दावेदारों के साथ नए चेहरों के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है।
रिसाली के साथ भिलाई नगर निगम में भी 70 वार्डों का आरक्षण तय किया गया है। भिलाई में 23 वार्ड OBC के लिए आरक्षित किए गए हैं, जिनमें 8 OBC महिला और 15 OBC वार्ड शामिल हैं। SC के लिए 9 और ST के लिए 3 वार्ड आरक्षित हैं। 35 वार्ड अनारक्षित श्रेणी में रखे गए हैं, जिनमें 11 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इस तरह भिलाई नगर निगम में कुल 23 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं।
2011 की जनगणना से आरक्षण
दोनों नगर निगमों में आरक्षण प्रक्रिया 2011 की जनगणना के आधार पर निर्धारित नियमों के तहत की गई है। रिसाली नगर निगम आरक्षण (Risali Mayor Reservation) के बाद अब राजनीतिक दल प्रत्याशियों के चयन और चुनावी रणनीति को नए सामाजिक समीकरणों के अनुसार तैयार करेंगे।
आरक्षण की तस्वीर साफ होने के साथ ही स्थानीय राजनीति में संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि राजनीतिक दल SC महिला महापौर पद के लिए किन चेहरों पर भरोसा जताते हैं और वार्ड स्तर पर किन पुराने दावेदारों को मौका मिलता है।
खबरें और भी हैं : Green Park Colony Raigarh : EWS जमीन में गड़बड़ी पर गिरी गाज, कॉलोनी का रजिस्ट्रीकरण निरस्त



