सीजी भास्कर, 10 सितंबर : रायगढ़ में ईडब्ल्यूएस जमीन के नियमों में अनियमितता (Green Park Colony Raigarh) सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम बड़े अतरमुड़ा स्थित ग्रीन पार्क कॉलोनी के विकासकर्ता का कॉलोनी रजिस्ट्रीकरण निरस्त कर दिया गया है। इसके साथ ही कॉलोनी के भूखंडों के क्रय-विक्रय पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी गई है।
ईडब्ल्यूएस जमीन में मिली गड़बड़ी
रायगढ़ जिले में हुई जांच के दौरान कॉलोनी विकासकर्ता से ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित 15 प्रतिशत भूमि से संबंधित दस्तावेज और स्पष्टीकरण मांगा गया था। विकासकर्ता की ओर से ग्राम नवापाली, तहसील पुसौर की भूमि को ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित बताया गया।
जांच में यह भूमि राजस्व अभिलेखों में विकासकर्ता के नाम पर कृषि भूमि के रूप में दर्ज मिली। इसके अलावा भूमि को सक्षम प्राधिकारी को हस्तांतरित किए जाने संबंधी जरूरी दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि बताई गई ईडब्ल्यूएस भूमि ग्रीन पार्क कॉलोनी के लिए निर्धारित क्षेत्र की सीमा में स्थित नहीं थी।
यह भी पढ़ें…
रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र निरस्त
अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने विकासकर्ता को जारी कॉलोनी रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। ग्राम बड़े अतरमुड़ा स्थित खसरा नंबर 198/5, रकबा 1.978 हेक्टेयर में विकसित ग्रीन पार्क कॉलोनी के भूखंडों के नए अंतरण पर भी रोक लगा दी गई है।
इस कार्रवाई (Green Park Colony Raigarh) के बाद कॉलोनी के भूखंडों की नई खरीद-बिक्री नहीं की जा सकेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कॉलोनी विकास से जुड़े वैधानिक प्रावधानों और ईडब्ल्यूएस भूमि के नियमों का पालन नहीं होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुराने अंतरणों की भी होगी जांच
प्रशासन ने अब तक किए गए भूखंडों के अंतरण की भी जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं। तहसीलदार रायगढ़ को विकासकर्ता द्वारा अब तक किए गए भूखंडों के अंतरण की जांच कर एक महीने के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा गया है।
जांच रिपोर्ट (Green Park Colony Raigarh) के आधार पर संबंधित कॉलोनी विकासकर्ता के खिलाफ छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 के प्रावधानों के तहत दांडिक कार्रवाई की जाएगी। यानी मामला केवल रजिस्ट्रीकरण निरस्त करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पुराने भूखंड अंतरण भी जांच के दायरे में होंगे।
यह भी पढ़ें…
2015 से स्वीकृत कॉलोनियों की जांच
ग्रीन पार्क कॉलोनी पर कार्रवाई के बाद अब रायगढ़ जिले की अन्य कॉलोनियां भी जांच के दायरे में आ गई हैं। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर वर्ष 2015 से 2026 तक स्वीकृत कॉलोनियों में ईडब्ल्यूएस भूमि से जुड़े प्रावधानों की व्यापक पड़ताल शुरू की गई है।
जांच के दौरान ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित भूमि की स्थिति, नामांतरण, मौके पर उपलब्धता, उपयोग और संबंधित भूखंडों के क्रय-विक्रय समेत अन्य वैधानिक प्रावधानों की जांच की जाएगी। किसी कॉलोनी में अनियमितता मिलने पर संबंधित कॉलोनाइजर के खिलाफ कार्रवाई होगी।
ईडब्ल्यूएस नियमों पर सख्ती
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई (Green Park Colony Raigarh) से कॉलोनी विकास से जुड़े नियमों के पालन को लेकर सख्त संदेश गया है। ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित भूमि का सही स्थान पर होना, उसका निर्धारित उपयोग और सक्षम प्राधिकारी को आवश्यक हस्तांतरण जैसे प्रावधानों का पालन जांच का अहम हिस्सा रहेगा।
प्रशासन का कहना है कि आम नागरिकों के हितों की रक्षा और कॉलोनी विकास में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
यह भी पढ़ें…



