सीजी भास्कर, 11 सितम्बर। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के नियमित कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों ने गुरुवार सुबह अपनी लंबित मांगों को लेकर सेल-बीएसपी प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। सेक्टर-1 के मुर्गा चौक पर सुबह 7:45 से 8:45 बजे तक स्टील एम्प्लाइज यूनियन-इंटक और स्टील ठेका श्रमिक यूनियन-इंटक के बैनर तले कर्मचारियों और श्रमिकों ने नारेबाजी की। (Workers Minimum Wage Protest)
प्रदर्शन के बाद सेल अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार पंडा के नाम संबोधित मांग पत्र आईआर विभाग को सौंपा गया। इस दौरान 39 महीने के लंबित एरियर्स, नए वेज रिवीजन, इंसेंटिव स्कीम में बढ़ोतरी, आवास लाइसेंस और ठेका श्रमिकों के न्यूनतम वेतन समेत कई मांगें उठाई गईं।
39 महीने के एरियर्स का मुद्दा : Workers Minimum Wage Protest
स्टील ठेका श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष और स्टील एम्प्लाइज यूनियन-इंटक भिलाई के महासचिव संजय कुमार साहू ने कहा कि कर्मचारियों का 39 महीने का एरियर्स लंबे समय से लंबित है। यूनियन ने इसका जल्द निराकरण करने की मांग की है।
उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2027 से नए वेज रिवीजन को लागू किया जाना है। इसे लेकर भी प्रबंधन से प्रक्रिया स्पष्ट करने और जरूरी कदम उठाने की मांग की गई है।

हर महीने 10 हजार रुपए इंसेंटिव की मांग
यूनियन ने मंथली इंसेंटिव स्कीम को रिवाइज कर कर्मचारियों को हर महीने 10 हजार रुपए देने की मांग की। इसके अलावा 650 वर्गफीट के आवासों को लाइसेंस पर देने और ‘सब्जेक्ट टू वेकेशन’ व्यवस्था शुरू करने की मांग भी रखी गई।
ठेका श्रमिकों के लिए 26 हजार न्यूनतम वेतन : Workers Minimum Wage Protest
प्रदर्शन में ठेका श्रमिकों के वेतन का मुद्दा भी प्रमुख रहा। यूनियन का आरोप है कि केंद्रीय न्यूनतम वेतन नवंबर 2025 से लागू होने के बावजूद इसे BSP में लागू नहीं किया गया है।
यूनियन ने ठेका श्रमिकों को कम से कम 26 हजार रुपए न्यूनतम वेतन देने की मांग की। साथ ही मेडिकल और छंटनी के नाम पर काम कर रहे ठेका श्रमिकों को हटाए जाने का विरोध भी किया गया।
मांगें नहीं मानी तो बड़ा आंदोलन
यूनियन नेताओं ने कहा कि फिलहाल प्रदर्शन के जरिए प्रबंधन का ध्यान लंबित मांगों की ओर दिलाया गया है। यदि मांगों का जल्द निराकरण नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर व्यापक आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।


