सीजी भास्कर, 11 सितंबर : छत्तीसगढ़ में शराब की निर्धारित कीमत से ज्यादा वसूली और अवैध शराब निर्माण (Chhattisgarh Liquor Action) के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। महासमुंद में 190 रुपये की शराब 200 रुपये में बेचने का मामला सामने आने के बाद आबकारी उप निरीक्षक नितेश सिंह बैस को निलंबित कर दिया गया। वहीं कांकेर में अवैध शराब निर्माण से जुड़ी बड़ी मात्रा में सामग्री मिलने के मामले में आबकारी उप निरीक्षक रानू मरकाम और सहायक जिला आबकारी अधिकारी मधुकर श्याम हरित पर भी निलंबन की गाज गिरी है। यह कार्रवाई विभागीय निगरानी में लापरवाही को लेकर की गई है।
मामले में राज्य स्तरीय उड़नदस्ता और पुलिस की अलग-अलग कार्रवाई में शराब दुकानों की अनियमितता से लेकर अवैध शराब निर्माण की तैयारी तक का खुलासा हुआ है। महासमुंद में छद्म ग्राहक के जरिए बिक्री दर की जांच की गई, जबकि कांकेर के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में एक बंद किराए के मकान से हजारों खाली बोतल, स्टीकर, होलोग्राम और ढक्कन बरामद किए गए।
190 की शराब 200 में बेची
राज्य स्तरीय उड़नदस्ता टीम ने 7 सितंबर 2026 को महासमुंद जिले की तुमा डबरी (बेमचा) स्थित कम्पोजिट मदिरा दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया। छद्म ग्राहक के जरिए किए गए सत्यापन में विक्रयकर्ता दिनेश्वर ध्रुव ने बैगपाइपर व्हिस्की का एक पाव 190 रुपये की निर्धारित कीमत के बजाय 200 रुपये में बेचा।
इसके बाद दोबारा खरीद परीक्षण किया गया तो दूसरे विक्रयकर्ता गुलाब डहरिया ने भी यही शराब 190 रुपये के बजाय 200 रुपये में बेची। यानी दो पाव की खरीद पर 380 रुपये के बजाय 400 रुपये वसूले गए और ग्राहकों से कुल 20 रुपये अतिरिक्त लिए गए। दोनों विक्रयकर्ताओं के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39 (ग) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
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नितेश बैस निलंबित
महासमुंद के मामले में विभाग ने संबंधित प्रभार क्षेत्र में प्रभावी निगरानी के अभाव और शिथिल नियंत्रण को गंभीरता से लिया। इसके बाद मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी महासमुंद आबकारी उप निरीक्षक नितेश सिंह बैस को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम, 1966 के नियम 9 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग संभाग निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। विभागीय कार्रवाई (Chhattisgarh Liquor Action) के साथ अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से भी जवाब मांगा गया है।
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कांकेर में 4409 खाली बोतलें
इधर उत्तर बस्तर कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बसंत नगर में पुलिस की छापामार कार्रवाई में अवैध शराब निर्माण से जुड़ी बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद हुई। एक सूने और बंद किराए के मकान से 4409 खाली शराब की बोतल और पौवा, 105 पत्ता स्टीकर एवं होलोग्राम और 3380 ढक्कन बरामद किए गए।
इसके अलावा 30 पौवा जम्मू स्पेशल व्हिस्की भी मिली, जिसमें कुल 5.400 लीटर शराब थी। इसकी कीमत 3600 रुपये बताई गई है। विभिन्न ब्रांडों के स्टीकर और होलोग्राम की कीमत 59,645 रुपये तथा खाली बोतल और पौवा की कीमत 22,045 रुपये बताई गई है। बरामद 3380 ढक्कनों के साथ यह पूरा मामला अवैध शराब निर्माण की तैयारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
रानू मरकाम पर गिरी गाज
कांकेर की यह कार्रवाई आबकारी उप निरीक्षक रानू मरकाम के प्रभार क्षेत्र में हुई। विभाग ने क्षेत्र में इतनी गंभीर अनियमितता पाए जाने को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता और शिथिल नियंत्रण माना। इसके बाद उन्हें भी नियम 9 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी, कांकेर निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। विभाग ने मामले में निगरानी व्यवस्था को लेकर जिम्मेदारी तय करते हुए आगे भी कार्रवाई का संकेत दिया है।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी भी निलंबित
इसी मामले में सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय, उत्तर बस्तर कांकेर मधुकर श्याम हरित के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। विभाग ने प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही, कर्तव्य के प्रति उदासीनता और प्रभावी पर्यवेक्षण एवं सतत निगरानी के अभाव को आधार बनाकर उन्हें निलंबित किया है।
उनका निलंबन मुख्यालय कार्यालय आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर निर्धारित किया गया है। इस कार्रवाई (Chhattisgarh Liquor Action) से साफ है कि अवैध शराब से जुड़े मामलों में केवल मैदानी स्तर पर ही नहीं, बल्कि निगरानी और पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जा रही है।
दो अधिकारियों से जवाब तलब
महासमुंद में अधिक कीमत पर शराब बेचने के मामले में विभाग ने दो अन्य अधिकारियों से भी जवाब मांगा है। सहायक जिला आबकारी अधिकारी दीपक ठाकुर और सहायक जिला आबकारी अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
दोनों अधिकारियों को सात दिन के भीतर समाधानकारक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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ओवररेटिंग पर विभाग सख्त
आबकारी विभाग की कार्रवाई से स्पष्ट है कि शराब की निर्धारित कीमत से अधिक वसूली, अवैध शराब निर्माण और निगरानी में लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता और मैदानी अमले के जरिए शराब दुकानों की जांच और निगरानी को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
महासमुंद की ओवररेटिंग और कांकेर में अवैध शराब निर्माण की सामग्री बरामदगी के बाद अब शराब दुकानों और संबंधित प्रभार क्षेत्रों में निगरानी बढ़ने की संभावना है। विभाग का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
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