सीजी भास्कर, 10 सितम्बर। रायपुर में सड़क पर घूम रहे मवेशियों की सुरक्षा और कथित गौ तस्करी के खिलाफ गौ सेवकों ने दंडवत यात्रा निकाली। गौ सेवक दंडवत करते हुए कमिश्नर कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। पुलिस और गौ सेवकों के बीच बातचीत के बाद मामला शांत हुआ और वे वापस लौट गए। (Raipur Cow Smuggling Protest)
गौ सेवकों ने पुलिस-प्रशासन से मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कथित गौ तस्करी के मामलों में कार्रवाई की मांग की है। गौ सेवक ओमेश बिसेन ने कहा कि अगर बातचीत से कोई समाधान नहीं निकलता और तस्करी के आरोपों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो अगले दिन से अनिश्चितकाल तक रोज दंडवत यात्रा निकालकर कमिश्नर कार्यालय पहुंचेंगे।
मवेशियों को खुले में छोड़ने वालों पर भी कार्रवाई की मांग : Raipur Cow Smuggling Protest
गौ सेवक प्रकाश यादव और अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि कथित तस्करी के साथ-साथ उन गौ मालिकों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए, जो मवेशियों को खुले में छोड़ देते हैं। उनका कहना है कि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन जारी रखा जाएगा।

रायपुर के आसपास से तस्करी का आरोप
गौ सेवकों ने आरोप लगाया कि रायपुर के सरोना, बिरगांव और आरंग क्षेत्र में कुछ लोग अलग-अलग गैंग बनाकर गांवों से गौवंश और भैंसों को इकट्ठा कर रहे हैं और उन्हें कत्लखानों तक ले जाया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि रायपुर के आसपास से रोज दर्जनों ट्रकों में गौवंश और भैंसों को ले जाया जाता है। कुछ लोगों के खिलाफ पहले भी अलग-अलग थानों में तस्करी के मामले दर्ज होने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
वाहनों की जब्ती और कार्रवाई की मांग : Raipur Cow Smuggling Protest
गौ सेवकों ने कथित तस्करी में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को जब्त करने और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार कार्रवाई से ही कथित गौ तस्करी पर रोक लगाई जा सकती है।
समझाइश के बाद लौटे, फिर आंदोलन की चेतावनी
कमिश्नर कार्यालय की ओर जाते समय पुलिस ने गौ सेवकों को रोककर उनसे बातचीत की। समझाइश के बाद गौ सेवक वापस लौट गए। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो अगले दिन से रोज दंडवत यात्रा निकालकर कमिश्नर कार्यालय तक जाएंगे और आंदोलन को अनिश्चितकाल तक जारी रखेंगे।


