सीजी भास्कर, 10 सितम्बर। रायपुर, दिल्ली में भवन ढहने की घटना के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। CM साय ने सभी जिलों में हॉस्टल, PG, कोचिंग सेंटर, स्कूल और बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल निरीक्षण और सेफ्टी ऑडिट कराने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जोखिमपूर्ण भवनों की पहचान कर समय-सीमा के भीतर जरूरी सुधार कराया जाए। (Building Safety Audit)
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी सिर्फ हादसे के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि संभावित खतरे की पहले से पहचान कर उसे दूर करना भी जरूरी है। कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने जिलों में निरीक्षण और कार्रवाई की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुराने और जर्जर भवनों की भी होगी जांच : Building Safety Audit
CM साय ने स्कूल, पुस्तकालय, छात्रावास और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर स्थित पुराने एवं जर्जर भवनों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने को कहा है। उन्होंने कहा कि जिन भवनों से जनहानि की आशंका है, उनकी पहचान कर तत्काल जरूरी कार्रवाई की जाए। खासकर बच्चों और विद्यार्थियों से जुड़े संस्थानों में सुरक्षा मानकों के पालन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शिकायत या हादसे का इंतजार करने के बजाय जिलों में लगातार निगरानी की व्यवस्था विकसित की जाए। संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान कर दुर्घटना की आशंका को पहले ही खत्म करने पर जोर दिया गया।

अवैध शराब के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने अवैध और मिलावटी शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। आबकारी विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय से कार्रवाई करने को कहा गया है।
जिन इलाकों में अवैध शराब के निर्माण या मिलावट की आशंका है, वहां संयुक्त टीम बनाकर छापेमारी करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाने और पुलिस-आबकारी विभाग के बीच सूचनाओं का नियमित आदान-प्रदान सुनिश्चित करने को कहा गया है।
लापरवाही पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी : Building Safety Audit
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साफ कहा कि शासन के निर्देशों के पालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता सामने आई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशों पर तत्काल अमल शुरू करने और की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा करने को कहा है।



