सीजी भास्कर, 09 सितंबर। खरीफ सीजन के दौरान धान की फसल में कीट-व्याधियों के बढ़ते प्रकोप के बीच कीटनाशकों की बिक्री में अनियमितता (Pesticide License Suspended) पाए जाने पर कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। जिले में दो कीटनाशक विक्रय लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं, जबकि एक विक्रय लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया है।
- किसानों को गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक उपलब्ध कराने विभाग की निगरानी Pesticide License Suspended
- दस्तावेज, स्टॉक और मूल्य सूची की हो रही जांच Pesticide License Suspended
- गौरव कृषि केन्द्र और साहू कृषि केन्द्र का लाइसेंस निलंबित
- गायत्री कृषि केन्द्र का लाइसेंस निरस्त
- 10 अन्य कीटनाशक विक्रय केन्द्रों का भी निरीक्षण
- अंकित ट्रेडर्स में अनियमितता, कीटनाशक बिक्री पर प्रतिबंध
- किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए सतत निगरानी
- किसानों से अधिकृत विक्रय केन्द्र से खरीदारी की अपील
इसके अलावा एक अन्य प्रतिष्ठान में अनियमितता मिलने पर कीटनाशक विक्रय पर प्रतिबंध लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

किसानों को गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक उपलब्ध कराने विभाग की निगरानी Pesticide License Suspended
धमतरी जिले में खरीफ सीजन के दौरान धान की फसल में कीट एवं रोगों के प्रकोप को देखते हुए कीटनाशकों की मांग और बिक्री में वृद्धि हुई है।
किसानों को गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक निर्धारित दर पर उपलब्ध कराने और बिक्री में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए कृषि विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।
संचालक कृषि के निर्देशन और कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में कीटनाशक निरीक्षक जिले के विभिन्न विक्रय केन्द्रों की जांच कर रहे हैं।
दस्तावेज, स्टॉक और मूल्य सूची की हो रही जांच Pesticide License Suspended
निरीक्षण के दौरान कीटनाशक विक्रय केन्द्रों में आवश्यक दस्तावेजों, मूल्य सूची, उपलब्ध स्टॉक, भंडारण व्यवस्था और अन्य निर्धारित मापदण्डों की जांच की जा रही है।
विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को वैध और गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पाद उचित मूल्य पर उपलब्ध हो सकें।

गौरव कृषि केन्द्र और साहू कृषि केन्द्र का लाइसेंस निलंबित
अनुविभागीय कृषि अधिकारी धमतरी एवं नोडल अधिकारी कीटनाशी गुण नियंत्रण, जिला धमतरी की अनुशंसा पर भटगांव स्थित मेसर्स गौरव कृषि केन्द्र और मेसर्स साहू कृषि केन्द्र के कीटनाशक विक्रय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक निलंबित कर दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान दोनों प्रतिष्ठानों में आवश्यक दस्तावेजों का समुचित संधारण नहीं किया जाना पाया गया।
इसके साथ ही निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप मूल्य सूची उपलब्ध नहीं थी और स्टॉक का प्रदर्शन भी नियमों के अनुसार नहीं किया गया था।

गायत्री कृषि केन्द्र का लाइसेंस निरस्त
इसी तरह भटगांव स्थित मेसर्स गायत्री कृषि केन्द्र द्वारा निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप कीटनाशक व्यवसाय का संचालन नहीं किए जाने पर उसका कीटनाशक विक्रय लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
लाइसेंस निरस्त होने के बाद संबंधित प्रतिष्ठान अब कीटनाशकों का व्यवसाय नहीं कर सकेगा।
10 अन्य कीटनाशक विक्रय केन्द्रों का भी निरीक्षण
कृषि विभाग द्वारा जिलेभर में निरीक्षण अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में 10 अन्य कीटनाशक विक्रय केन्द्रों की भी जांच की गई।
निरीक्षण किए गए प्रतिष्ठानों में मेसर्स अंकित ट्रेडर्स धमतरी, राधा ट्रेडर्स धमतरी, शिव धारा कृषि केन्द्र धमतरी, सदगुरू कृषि केन्द्र देमार और दिवाकर कृषि केन्द्र देमार शामिल हैं।
इसके अलावा धारणा कृषि केन्द्र बागतराई, गगन कृषि केन्द्र खम्हरिया, तेजल कृषि केन्द्र दानीटोला, साहू कृषि केन्द्र कलारतराई और प्रियांशु कृषि केन्द्र सेमरा बी का भी निरीक्षण किया गया।

अंकित ट्रेडर्स में अनियमितता, कीटनाशक बिक्री पर प्रतिबंध
निरीक्षण के दौरान मेसर्स अंकित ट्रेडर्स, धमतरी में अनियमितता पाए जाने पर कृषि विभाग ने सख्त कदम उठाया है।
संबंधित प्रतिष्ठान को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही कीटनाशक विक्रय पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई की गई है।
विभाग के अनुसार, प्रतिष्ठान से कारण बताओ नोटिस का जवाब प्राप्त होने के बाद उपलब्ध तथ्यों और नियमों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए सतत निगरानी
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में कीटनाशकों की बिक्री और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
विक्रय केन्द्रों में वैध लाइसेंस, निर्धारित अभिलेखों का संधारण, अधिकृत उत्पादों की बिक्री, स्टॉक एवं मूल्य सूची का प्रदर्शन तथा अन्य निर्धारित मापदण्डों की जांच की जा रही है।
विभाग ने कहा कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

किसानों से अधिकृत विक्रय केन्द्र से खरीदारी की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे कीटनाशक खरीदते समय केवल अधिकृत विक्रय केन्द्रों से ही दवा खरीदें और खरीदारी का बिल अवश्य प्राप्त करें।
किसानों को बिना कृषि विशेषज्ञ की सलाह के किसी भी कीटनाशक का अनावश्यक उपयोग या अनुशंसित मात्रा से अधिक छिड़काव नहीं करने की सलाह दी गई है।
यदि किसी विक्रेता द्वारा अनियमितता या निर्धारित दर से अधिक कीमत पर कीटनाशक बेचने की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना संबंधित कृषि अधिकारियों को दी जा सकती है।
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रिपोर्टर : रिजवान मेमन



