सीजी भास्कर, 20 जून : खरीफ सीजन 2026 के बीच किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद-बीज (Agriculture Department Flying Squad ) उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग की उड़नदस्ता टीम ने दुर्ग जिले में बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर जिलेभर में चलाए गए सघन जांच अभियान के तहत 135 निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया।
7 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस, स्टॉक में गड़बड़ी उजागर
जांच के दौरान स्टॉक संधारण में अनियमितता और उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के उल्लंघन के मामले सामने आए। इस पर 7 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग के अनुसार कई केंद्रों पर बिना नियमों के उत्पादों की बिक्री और रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई गई।
कई केंद्रों से अमानक और अवैध बिक्री का खुलासा
निरीक्षण में फालेन्द्र कृषि केन्द्र (सेलूद) से 18.5 लीटर, शीतल कृषि केन्द्र (रानीतराई) से 19 लीटर और देवेश साहू कृषि केन्द्र (धमधा) से 5 लीटर बायो-स्टिम्यूलेंट जब्त किया गया।
जांच में यह भी पाया गया कि कुछ विक्रय केंद्र बिना अनुमति के उत्पाद बेच रहे थे, जबकि कुछ जगहों पर उर्वरकों की बिक्री अनुज्ञप्ति शर्तों के उल्लंघन में हो रही थी।
तय दर से अधिक कीमत पर बिक्री, जब्ती की कार्रवाई
मेसर्स ऋषभराज फर्टिलाइजर में यूरिया और एनपीके उर्वरक के भंडारण व बिक्री में अनियमितता मिली। वहीं मेसर्स विद्या कृषि केन्द्र (बोरी) और कृषि सेवा केन्द्र (पाटन) में निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरक बेचने का मामला सामने आया।
इन सभी मामलों में संबंधित उर्वरकों को जब्त कर कलेक्टर न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया गया है।
5 केंद्रों के उर्वरक अमानक पाए गए
कृषि विभाग की जांच में 5 विक्रय केंद्रों के उर्वरक अमानक स्तर के पाए गए हैं। इन केंद्रों के उत्पादों की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई है और विक्रेताओं को नोटिस जारी किया गया है।
सख्त चेतावनी: लाइसेंस भी हो सकता है रद्द
विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़, कालाबाजारी, अधिक कीमत वसूली या अमानक उर्वरक बिक्री पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण तक की कार्रवाई संभव है।
किसानों से सतर्क रहने की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक खरीदते समय बिल अवश्य लें और किसी भी अनियमितता की शिकायत तुरंत विभाग को दें। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि खरीफ सीजन में खाद-बीज की गुणवत्ता और उपलब्धता पर लगातार निगरानी जारी रहेगी।





