सीजी भास्कर, 19 अगस्त : खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने जिले में कीटनाशक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण (Pesticide Inspection) तेज कर दिया है। मंगलवार को अलग-अलग विकासखंडों में की गई जांच के दौरान अनियमितताएं मिलने पर 3 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
कैश मेमो और प्रमाण पत्र में मिली गड़बड़ी
बलौदाबाजार जिले के पलारी विकासखंड के ग्राम संडी में महेंद्र कृषि सेवा केंद्र का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान कैश मेमो और स्रोत प्रमाण पत्र का उचित संधारण नहीं मिला। इस पर संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
इसी गांव के भगत कृषि सेवा केंद्र में भी स्रोत प्रमाण पत्र का उचित संधारण नहीं पाया गया। कृषि विभाग ने यहां भी विक्रेता को नोटिस जारी किया है।
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तीसरे विक्रेता को भी नोटिस
ग्राम कोदवा में संचालित कौटिल्य कृषि सेवा केंद्र की जांच के दौरान कैश मेमो का सही तरीके से संधारण नहीं मिला। अनियमितता सामने आने पर संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
इस तरह निरीक्षण के दौरान कुल तीन विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई। विभाग ने सभी संबंधित विक्रेताओं से नियमों के अनुसार अभिलेखों का संधारण करने को कहा है।
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अन्य विकासखंडों में भी जांच
सिमगा विकासखंड के कीटनाशक निरीक्षक ऑलिव मेरी कुजूर ने दामाखेड़ा स्थित किसान कृषि केंद्र का औचक निरीक्षण किया और संचालक को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कसडोल विकासखंड में निरीक्षक धनेश्वर साय ने ग्राम कटगी स्थित साहजित कृषि सेवा केंद्र और तकिम कृषि सेवा केंद्र की जांच की। वहीं भाटापारा विकासखंड में निरीक्षक अवधेश उपाध्याय ने ग्राम कोदवा स्थित हितेश कृषि सेवा केंद्र का निरीक्षण किया।
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स्टॉक और बिल का रिकॉर्ड अपडेट रखना जरूरी
उपसंचालक कृषि दीपक नायक ने सभी कृषि आदान विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि उर्वरक, बीज, कीटनाशक समेत अन्य कृषि सामग्री के भंडारण और बिक्री से जुड़े सभी जरूरी अभिलेख नियमित रूप से संधारित किए जाएं।
उन्होंने कहा कि स्टॉक रजिस्टर और बिल बुक में प्रत्येक आवक और बिक्री का सही एवं अद्यतन विवरण दर्ज होना अनिवार्य है। विभाग ने विक्रेताओं को शासन के निर्धारित नियमों और प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी है।
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किसानों को गुणवत्तापूर्ण दवा उपलब्ध कराने पर फोकस
कृषि विभाग का कहना है कि खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जिले के कीटनाशक विक्रय केंद्रों पर नियमित रूप से कीटनाशक निरीक्षण (Pesticide Inspection) किया जा रहा है। विभागीय टीमों को अनियमितता मिलने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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