सीजी भास्कर, 26 जून : छत्तीसगढ़ के नवगठित एमसीबी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) जिले के लिए बहुप्रतीक्षित मेडिकल कॉलेज को लेकर बड़ी सकारात्मक खबर सामने आई है। NMC Inspection Manendragarh Medical College के तहत नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की टीम ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का विस्तृत निरीक्षण पूरा कर लिया है। निरीक्षण के दौरान टीम ने कॉलेज भवन, अस्थायी शैक्षणिक परिसर, संबद्ध अस्पताल, फैकल्टी, उपकरण, प्रयोगशालाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का गहन मूल्यांकन किया। निरीक्षण के बाद कॉलेज को मान्यता मिलने की प्रक्रिया तेज होने और इसी शैक्षणिक सत्र से एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बुनियादी सुविधाओं और संसाधनों का किया गया विस्तृत मूल्यांकन
एनएमसी की टीम ने मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य की प्रगति का निरीक्षण करने के साथ-साथ कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा संबद्ध अस्पताल में मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मेडिकल शिक्षा के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप फैकल्टी, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी कर्मचारियों, चिकित्सा उपकरणों तथा अन्य आधारभूत संसाधनों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई।
कॉलेज प्रबंधन ने उपलब्ध कराए सभी आवश्यक दस्तावेज
निरीक्षण के दौरान कॉलेज प्रबंधन ने एनएमसी की टीम को आवश्यक दस्तावेज, रिकॉर्ड और विभिन्न व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारी निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराई। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान पूछे गए सभी तकनीकी बिंदुओं का जवाब भी प्रस्तुत किया। बताया गया कि निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर नेशनल मेडिकल कमीशन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर मेडिकल कॉलेज को मान्यता देने और एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
इसी सत्र से MBBS प्रवेश शुरू होने की उम्मीद
कॉलेज प्रशासन और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यदि एनएमसी की रिपोर्ट सकारात्मक रहती है तो इसी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इससे लंबे समय से मेडिकल कॉलेज की मांग कर रहे क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आधार
मेडिकल कॉलेज शुरू होने से एमसीबी जिले सहित सरगुजा संभाग के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी और गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी। साथ ही संबद्ध अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होने से आम मरीजों को भी बेहतर उपचार का लाभ मिलेगा।
स्थानीय विद्यार्थियों को मिलेगा बड़ा अवसर
मेडिकल कॉलेज के संचालन से क्षेत्र के विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों या बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध होने से आर्थिक बोझ भी कम होगा और क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा का नया केंद्र विकसित होगा। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज के संचालन से रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे तथा क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलने की उम्मीद है।



