सीजी भास्कर, 9 सितंबर : छत्तीसगढ़ में बस यात्रियों के किराए (Bus Fare Chhattisgarh) से जुड़े मामले का जल्द समाधान हो सकता है। परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने बस ऑनर फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों और बस संचालकों के साथ बैठक में किराया पुनर्निर्धारण समेत परिवहन क्षेत्र की विभिन्न मांगों पर चर्चा की।
बैठक में बसों की ऑनलाइन ट्रैकिंग, परमिट, फिटनेस और महिला यात्रियों की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। बस संचालकों ने साधारण बसों के किराए में 75 प्रतिशत और डीलक्स बसों के किराए में 30 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग रखी। मंत्री ने प्रतिनिधियों को यात्री किराए के विषय का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया।
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किराए पर जल्द होगा फैसला
बैठक में यात्री बस किराया बढ़ाने की मांग (Bus Fare Chhattisgarh) को प्रमुखता से उठाया गया। फेडरेशन ने साधारण यात्री बसों के किराए में 75 प्रतिशत और डीलक्स बसों के किराए में 30 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव रखा। साथ ही 11 मार्च 2025 को जारी संशोधित अधिसूचना को निरस्त करने की मांग भी की गई।
परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि किराए से जुड़े विषय का शीघ्र समाधान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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स्लीपर बस टैक्स पर मंथन
बस संचालकों ने स्लीपर बसों में एक स्लीपर के बदले दो सीटों का टैक्स लेने की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव की मांग रखी। फेडरेशन चाहता है कि एक स्लीपर पर एक सीट के बराबर टैक्स लिया जाए।
सरकार की ओर से स्लीपर बस टैक्स व्यवस्था (Bus Fare Chhattisgarh) पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। मंत्री ने अधिकारियों को इसके तकनीकी, व्यावहारिक और राजस्व से जुड़े पहलुओं का परीक्षण करने के निर्देश दिए।
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बसों की समय-सारिणी होगी व्यवस्थित
बैठक में स्टेज कैरिज बसों के बीच समय-अंतराल निर्धारित करने पर भी चर्चा हुई। फेडरेशन ने मुख्य मार्गों पर बसों के बीच 10 मिनट और ग्रामीण मार्गों पर 30 मिनट का अंतर रखने का सुझाव दिया।
मंत्री ने कहा कि बसों की समय-सारिणी व्यवस्था (Bus Fare Chhattisgarh) ऐसी होनी चाहिए, जिससे यात्रियों को पर्याप्त परिवहन सुविधा मिले और बस संचालकों के बीच अनावश्यक प्रतिस्पर्धा भी न हो।
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परमिट समेत सेवाएं ऑनलाइन
परिवहन विभाग की अधिकाधिक सेवाओं को ऑनलाइन करने के निर्देश भी दिए गए हैं। बैठक में सभी स्टेज कैरिज यात्री बसों के लिए पोर्टल के जरिए ऑनलाइन परमिट जारी करने की सुविधा पर चर्चा हुई।
मंत्री ने ऑनलाइन बस परमिट व्यवस्था (Bus Fare Chhattisgarh) को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उनका कहना है कि ऑनलाइन सेवाओं से बस संचालकों और आम नागरिकों को विभागीय काम के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
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महिलाओं की सुरक्षा पर फोकस
बसों में यात्रा करने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि बस में पहली या अंतिम सवारी महिला होने की स्थिति में वाहन की ऑनलाइन ट्रैकिंग की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इसके लिए बसों में कैमरे, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और अन्य आधुनिक सुरक्षा उपकरण सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। महिला यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था (Bus Fare Chhattisgarh) की तकनीक के जरिए प्रभावी निगरानी पर भी जोर दिया गया।
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बस संचालकों की समस्याओं पर चर्चा
परिवहन मंत्री ने कहा कि बस संचालक प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में यात्री बसें आम लोगों के आवागमन का प्रमुख साधन हैं।
उन्होंने अधिकारियों को बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों का बिंदुवार परीक्षण करने और विभागीय स्तर पर समाधान योग्य मांगों पर जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सरकार का लक्ष्य परिवहन सेवाओं को आधुनिक, पारदर्शी, सुरक्षित और जनसुविधा केंद्रित बनाना है।
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फेडरेशन ने रखीं कई मांगें
बैठक में छत्तीसगढ़ फूड कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एवं बस ऑनर फेडरेशन के संरक्षक संजय श्रीवास्तव, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर, फेडरेशन अध्यक्ष अनिल पूसदकर सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए बस संचालक और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में बस परिवहन से जुड़े मुद्दों (Bus Fare Chhattisgarh) पर विस्तार से चर्चा हुई। किराया, टैक्स, परमिट, समय-सारिणी और सुरक्षा से जुड़े मामलों में आगे की कार्रवाई पर अब नजर रहेगी।
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