सीजी भास्कर, 9 सितंबर : दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मंत्रिपरिषद ने इसके लिए जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे जिले में आधुनिक और सुव्यवस्थित जिला न्यायालय परिसर (Durg District Court) बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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तितुरडीह में मिलेगी जमीन Durg District Court
नए न्यायालय भवन के लिए बीआईटी कॉलेज के समीप ग्राम तितुरडीह में 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। यह भूमि वर्तमान में भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज है। मंत्रिपरिषद के निर्णय के बाद इस जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
दुर्ग में नए जिला न्यायालय भवन (Durg District Court) के निर्माण के लिए चुना गया स्थान बीआईटी कॉलेज के समीप है। यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त न्यायालय परिसर विकसित करने की योजना है।
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5.024 हेक्टेयर जमीन बदले में
भूमि के बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है।
इस भूमि विनिमय के जरिए दुर्ग जिला न्यायालय (Durg District Court) के नए भवन के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध हो सकेगी। इससे न्यायिक अधोसंरचना के विस्तार और आधुनिकीकरण का मार्ग प्रशस्त होगा।
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न्यायिक अधोसंरचना होगी मजबूत
नए परिसर के निर्माण से न्यायालयीन कार्यों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित होने की उम्मीद है। आधुनिक और व्यवस्थित भवन में न्यायिक कार्यों के संचालन के लिए आवश्यक अधोसंरचना उपलब्ध कराई जा सकेगी।
मंत्रिपरिषद के फैसले से न्यायिक अधोसंरचना (Durg District Court) को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब जमीन उपलब्ध होने के बाद नए न्यायालय भवन के निर्माण से जुड़ी आगामी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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