सीजी भास्कर, 11 सितंबर : छत्तीसगढ़ में हर परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने और जल संकट से निपटने के लिए सरकार ने अब समयबद्ध लक्ष्य तय कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission Chhattisgarh) और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि जल संरक्षण केवल आज की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है।
मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने मार्च 2028 तक सभी जल संरचनाओं को पूरा करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए और हर परियोजना तय समयसीमा में पूरी होनी चाहिए। साथ ही कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में योजनाओं की नियमित निगरानी कर अड़चनों का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टरों की होगी सीधी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री साय ने जल संरक्षण अभियान (Jal Jeevan Mission Chhattisgarh) की जिलेवार प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से लक्ष्य के अनुरूप काम तेज करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला स्तर पर योजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग हो और प्रशासनिक, तकनीकी या क्रियान्वयन से जुड़ी किसी भी समस्या को लंबित न रखा जाए।
उन्होंने कहा कि हर जिले की स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध जल संसाधनों को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया गया है, ताकि योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित न रहे।
कोरिया–धमतरी मॉडल की तारीफ
बैठक में मुख्यमंत्री ने कोरिया, धमतरी और राजनांदगांव सहित बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन जिलों में अपनाई गई कार्यप्रणाली और अच्छे अनुभवों को दूसरे जिलों तक पहुंचाया जाना चाहिए, ताकि पूरे प्रदेश में जल संरक्षण के काम को एक समान गति मिल सके।
जल संचय जन भागीदारी अभियान की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ इस अभियान में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब लक्ष्य केवल निर्धारित आंकड़े तक पहुंचना नहीं, बल्कि उससे बेहतर परिणाम हासिल करना होना चाहिए। जल संरक्षण में जनभागीदारी (Jal Jeevan Mission Chhattisgarh) को और मजबूत करने पर भी उन्होंने विशेष जोर दिया।
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हर घर पहुंचेगा नल का पानी
मुख्यमंत्री ने हर घर नल से जल (Jal Jeevan Mission Chhattisgarh) पहुंचाने को सरकार की प्रमुख प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन का वास्तविक उद्देश्य केवल पाइपलाइन या अन्य अधोसंरचना तैयार करना नहीं है, बल्कि परिवारों को नियमित और पर्याप्त स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन के बचे हुए कार्यों को तेजी से पूरा कराया जाए। जहां कहीं काम प्रशासनिक अनुमति, तकनीकी समस्या या अन्य कारणों से अटका है, वहां तत्काल समाधान निकाला जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी भी लगातार निगरानी जरूरी है।
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अटके भुगतान भी जल्द होंगे
समीक्षा बैठक में पूर्ण हो चुके जल जीवन मिशन के कार्यों के भुगतान की स्थिति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जो कार्य निर्धारित मापदंड और गुणवत्ता के अनुसार पूरे हो चुके हैं, उनके भुगतान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि योजनाओं से जुड़े सभी विभाग और एजेंसियां आपसी समन्वय से काम करें। प्रेजेंटेशन के दौरान सामने आई कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए, ताकि अधूरे कार्यों को पूरा करने के साथ-साथ पूर्ण परियोजनाओं का भुगतान भी समय पर हो सके।
जल सुरक्षा पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संचय जन भागीदारी अभियान और जल जीवन मिशन सीधे आम लोगों के जीवन से जुड़े हैं। एक तरफ जल स्रोतों को सुरक्षित और समृद्ध करने की जरूरत है, वहीं दूसरी ओर प्रत्येक परिवार को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जल सुरक्षा और पेयजल व्यवस्था (Jal Jeevan Mission Chhattisgarh) को हर जिले की प्राथमिकता बनाया जाए। शासन की योजनाओं के साथ आम लोगों की भागीदारी बढ़ाकर छत्तीसगढ़ में ऐसा मॉडल तैयार किया जाए, जो वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के साथ भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी जल सुरक्षा सुनिश्चित कर सके।
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