सीजी भास्कर, 24 अक्टूबर। दीपावली पर्व के मद्देनजर मिलावटी व दूषित खाद्य सामग्रियों पर नकेल कसने के लिए खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग की टीम ने दुर्ग और भिलाई की कई निर्माण (Food Safety ) इकाइयों पर औचक दबिश दी। रायपुर से खाद्य सुरक्षा आयुक्त दीपक अग्रवाल के नेतृत्व में पहुंची विशेष टीम ने जब पनीर और मिठाई बनाने वाली फैक्ट्रियों की पड़ताल की, तो वहां एक्सपायरी डेट का दूध और भीषण गंदगी के बीच खाद्य सामग्री तैयार होती मिली। अधिकारियों ने मौके से संदिग्ध सामान नष्ट कराने के निर्देश देते हुए जांच के लिए विभिन्न नमूने एकत्र किए हैं।

एक्सपायरी दूध व पाम ऑयल के उपयोग पर संदेह Food Safety
जांच टीम सबसे पहले भिलाई के छावनी स्थित मां दुर्गा डेयरी पहुंची, जहां परिसर में एक्सपायरी दूध पाया गया और निर्माण स्थल पर साफ-सफाई के मानकों की भारी अनदेखी देखी गई। जांच में खाद्य सामग्री बनाने के दौरान पाम ऑयल के इस्तेमाल की बात भी सामने आई। हालांकि संचालक जगमोहन यादव ने एनालॉग पनीर बनाने से इनकार करते हुए विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करने की बात कही। यहां प्रस्तुत किए गए दो लाइसेंसों की वैधता की भी विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है।
मुस्कान फूड व गुप्ता जी लड्डू फैक्ट्री में भी मिली अनियमितताएं
इसके बाद टीम ने बैकुंठ धाम स्थित मुस्कान फूड फैक्ट्र’ में छापा मारा, जहां त्यौहार के लिए बड़ी मात्रा में तैयार की जा रही सोनपापड़ी, मैसूर पाक और पेड़ा के निर्माण में गंभीर अस्वच्छता पाई गई। बाजार में खपाने के लिए तैयार रखी गई संदिग्ध मिठाइयों को फौरन नष्ट करने के आदेश दिए गए। वहीं गुप्ता जी लड्डू फैक्ट्री में भी स्वच्छता के तय मानक पूरे नहीं मिले, जहां तैयार रखे लगभग डेढ़ क्विंटल लड्डुओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए और सुधार की चेतावनी दी गई।
स्थानीय निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
दीपावली के दौरान मिठाई व दुग्ध उत्पादों की मांग चरम पर रहती है। ऐसे में राजधानी रायपुर की टीम द्वारा स्थानीय स्तर पर इतनी बड़ी खामियां उजागर किए जाने के बाद स्थानीय खाद्य निरीक्षकों की सक्रियता और मॉनिटरिंग पर सवाल खड़े हो गए हैं।अधिकारियों के मुताबिक एकत्र किए गए सभी सैंपलों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


